Indigo Flight Crisis/ Image Source : x
नई दिल्ली : इंडिगो फ्लाइट संकट मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, जिसमें एयरलाइंस की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। DGCA report डीजीसीए ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंडिगो पर कुल 22 करोड़ 20 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही भविष्य में सुधार सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया गया है, जिसे ‘इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम’ (ISRAS) के तहत एक सुधार ढांचे के रूप में लागू किया जाएगा।
आपको बता दे जांच रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो का पूरा ध्यान संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल पर था, जिससे ‘रोस्टर बफर’ कम हो गया और संचालन क्षमता पर बुरा असर पड़ा। Indigo Airlines डीजीसीए ने इंडिगो के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को उनके पद से हटाने और भविष्य में किसी भी जवाबदेह पद पर नियुक्त न करने का आदेश दिया है। साथ ही, एयरलाइन के सीईओ को संकट प्रबंधन और नियमों के सही आकलन में कमी के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि उड़ानों में देरी की मुख्य वजह जरूरत से ज्यादा ऑपरेशनों को ऑप्टिमाइज करना और सिस्टम सॉफ्टवेयर की खामियां थीं। Indigo Fine 22 Crore छह अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन के लिए प्रति उल्लंघन 30 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है । Indigo Systematic Reform Assurance Scheme नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। डीजीसीए अब अपने स्तर पर भी एक आंतरिक जांच कर रहा है ताकि सिस्टम की कमियों को दूर किया जा सके और यात्रियों को भविष्य में ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े।