देहरादून, 27 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए हमेशा झूठ का सहारा लेकर ‘विमर्श’ गढ़ती है, लेकिन जल्द ही उसका पर्दाफाश हो जाता है ।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में धामी ने कहा कि एक बार फिर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को लेकर एक ‘विमर्श’ गढ़ने का प्रयास किया ताकि लोगों में भ्रम पैदा किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘जितनी बार भी वे विमर्श गढ़ते हैं, वह झूठा साबित होता है और बेनकाब हो जाता है।’’
इस संबंध में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी संस्था पर सवाल उठाने का सभी को अधिकार है, लेकिन वे सवाल और आरोप तथ्यों और रिकॉर्डों पर आधारित होने चाहिए ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि 24 जून 2025 को जारी एसआईआर का मूल आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया तथा उसके बाद राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में उसे लागू करने की समयसारिणी का फैसला भी सर्वसम्मति से हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी आंतरिक विचार—विमर्श या टिप्पणी को आयोग के अंतिम निर्णय में मतभेद के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।’’
उन्होंने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत ने भी 27 मई, 2026 के अपने फैसले में निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को वैधानिक शक्ति के रूप में स्वीकार किया है।
धामी ने कहा कि किसी भी संस्थान में निर्णय लेने से पहले अधिकारियों की ओर से अलग-अलग टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘असली सवाल यह है कि आयोग का अंतिम निर्णय क्या था और वह कानून की कसौटी पर कहां खड़ा है।”
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल खड़े करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र संवैधानिक व्यवस्था और कानून के आधार पर चलता है, किसी तरह के दबाव या जबरदस्ती से नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल एजेंडा के तहत संस्थाओं को बदनाम करना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के अनुरूप नहीं है।’’
धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उत्तराखंड में भी झूठ के बल पर ‘विमर्श’ गढ़े। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रदेश में आकर कहा कि भाजपा की सरकारों ने एक भी नकल अपराधी को जेल नहीं भेजा जबकि सच यह है कि अकेले उत्तराखंड में ही अब तक 100 से अधिक नकल माफिया सलाखों के पीछे भेजे गए हैं और 35 हजार युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गयी।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में शुद्धिकरण हवन का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने उसे लेकर दलित कार्ड खेलने का प्रयास किया, लेकिन जांच में पता चला कि हवन करने वाले लोग वाल्मीकि और शिल्पकार समाज के ही थे।
उन्होंने कांग्रेस पर राज्य सरकार द्वारा जमीनें उद्योगपतियों को देने के मुददे पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया और सलाह दी कि उन्हें इस मुददे पर अदालत में जाना चाहिए या सूचना का अधिकार के तहत जानकारी लेनी चाहिए ।
धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास अब मुददे नहीं बचे हैं और उसकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, इसलिए हार के अहसास से वे झूठ का सहारा ले रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा उनकी दाल अब गलने वाली नहीं है क्योंकि आज की पीढ़ी ‘इंजी’ यानी ‘इंडियन जनरेशन’ बहुत समझदार है जिसे पता है कि कांग्रेस के हाथ में देश कभी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए तैयार ‘इंजी’ 2014 के पहले के घपले-घोटालों के बारे में भी जानकारी ले रही है।
भाषा दीप्ति
संतोष
संतोष