नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 08:19 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 08:19 PM IST

देहरादून, 19 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ‘राष्ट्रीय प्रगति पर पार्टी हितों को प्राथमिकता’ देते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने का काम किया।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उस संविधान संशोधन विधेयक को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आई है, जिसमें 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान था। यह विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका।

धामी ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दल-समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने देश की ‘आधी आबादी’ के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय को रोकने के लिए जनता को ‘बेबुनियाद तर्कों’ से गुमराह किया।

उन्होंने कहा, “ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति ने एक ऐतिहासिक अवसर को बाधित कर दिया। आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों को टालना अन्याय के समान है।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने ‘टालमटोल और गुमराह करने’ की रणनीति अपनाते हुए ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक अहम कदम का समर्थन करने के बजाय विधेयक में देरी का जश्न मनाया।

उन्होंने कहा कि विधेयक सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सका क्योंकि विपक्ष ने ‘अनर्गल मुद्दों’ पर ध्यान केंद्रित किया। धामी ने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी द्वारा धर्म आधारित आरक्षण की मांग की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2029 के चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन विपक्ष की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और जनगणना व परिसीमन प्रक्रियाओं के ‘राजनीतिकरण’ ने इसे बाधित किया।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका रिकॉर्ड “शाह बानो मामले, तीन तलाक और अनुच्छेद-370 जैसे मुद्दों पर विरोध” का रहा है।

धामी ने आरोप लगाया कि परिवार-आधारित राजनीतिक दल साधारण पृष्ठभूमि की महिलाओं के सशक्तीकरण से डरते हैं और केवल कुछ राजनीतिक परिवारों की महिलाओं को ही आगे बढ़ाना चाहते हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी और दक्षिण भारत के प्रतिनिधित्व में कमी के दावे “बेबुनियाद” हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक पारित न होने के बावजूद उत्तराखंड सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर इस दिशा में अग्रणी कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के सिद्धांत के तहत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता है।

भाषा

दीप्ति रवि कांत