ध्रुव राठी के मानहानिकारक वीडियो पर भारत में रोक लगा दी गई है: गूगल ने अदालत को बताया
ध्रुव राठी के मानहानिकारक वीडियो पर भारत में रोक लगा दी गई है: गूगल ने अदालत को बताया
नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) गूगल ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी के उस “मानहानिकारक” यूट्यूब वीडियो पर भारत में रोक लगा दी है, जिससे कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
यूट्यूब की मालिक कंपनी गूगल ने न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष वकील अमिता सचदेवा की ओर से दायर याचिका पर यह जानकारी दी।
सचदेवा ने दावा किया है कि 21 मार्च को राठी ने एक बेहद अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो प्रकाशित किया था, जिसे यूट्यूब पर लाखों लोगों ने देखा।
सचदेवा के अनुसार, वीडियो में भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण और देवी सीता को अपमानित करने के लिए “झूठी, भ्रामक एवं भड़काऊ बातें” कही गईं।
गूगल के वकील ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘शिकायत अपीलीय समिति’ (जीएसी) के आदेशानुसार यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि वीडियो पर केवल भारत में रोक लगाई गई है, क्योंकि इसपर पूरी दुनिया में रोक लगाने का मुद्दा दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के समक्ष लंबित है।
सचदेवा ने कहा कि 15 जुलाई को जीएसी ने गूगल को 24 घंटे के अंदर वीडियो हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन गूगल ने केवल “भारत में वीडियो पर रोक लगाई”, जो केवल “आंशिक अनुपालन” है।
इसपर न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर रोक लगाने का मुद्दा पहले से ही खंडपीठ के समक्ष लंबित है। वे जो कुछ कर सकते थे, उन्होंने कर दिया है।’’
अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
तीन जुलाई को अदालत ने जीएसी से सचदेवा की उस याचिका पर 15 दिन के भीतर फैसला करने को कहा था, जिसमें कथित “आपत्तिजनक” वीडियो को हटाने का अनुरोध किया गया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने अदालत के निर्देश के अनुपालन का अनुरोध करते हुए एक आवेदन दायर किया था।
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश

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