कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में असंतोष गहराया
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में असंतोष गहराया
बेंगलुरु, चार अगस्त (भाषा) कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में असंतोष बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार द्वारा मंत्रिमंडल का विस्तार किए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को कई विधायक मंत्री नहीं बनाए जाने पर खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते नजर आए।
विधायकों के समर्थकों ने मंगलवार को भी राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
उन्होंने अपने नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के विरोध में सड़कें जाम कीं, टायर जलाए और स्थानीय बंद का आह्वान किया।
लंबित मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी कांग्रेस विधायकों में असंतोष उभर आया। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे उन विधायकों ने इस्तीफा देने की पेशकश तक कर दी, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
सागर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने की योजना बनाई है और अपने समर्थकों तथा शुभचिंतकों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेंगे।
कांग्रेस के कुछ और विधायकों के इस्तीफे पर विचार करने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई इस्तीफा देता है तो उसका पत्र कुछ ही मिनट में स्वीकार कर लिया जाएगा।’’
शिवकुमार ने हालांकि नाराज विधायकों से धैर्य रखने और अपने अवसर का इंतजार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधीन आने वाले बोर्ड और निगमों में नियुक्तियां जल्द की जाएंगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने कहा कि अगर पार्टी का कोई व्यक्ति इस्तीफा लेकर उनके पास आता है तो वह उसे समझाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री सरकार में हैं। अगर सरकार में कोई इस्तीफा देता है तो वह उसे स्वीकार कर सकते हैं। अगर पार्टी में कोई व्यक्ति मेरे पास इस्तीफा लेकर आता है तो मैं उसे समझाने की कोशिश करूंगा और वापस भेज दूंगा।’’
इस बीच, गुब्बी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एस. आर. श्रीनिवास ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे जैसे एक साधारण किसान के बेटे के लिए राजनीति में आगे बढ़ना मुश्किल है। आपको किसी बड़े नेता का संरक्षण चाहिए या फिर अवैध तरीके से पैसा कमाना होगा, तभी सफल होना आसान है। एक बार फिर यह साबित हो गया है।’’
वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री टी. बी. जयचंद्र तथा दिनेश गुंडू राव ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि मंत्री पद के लिए उनका चयन क्यों नहीं किया गया।
भाषा
देवेंद्र जितेंद्र
जितेंद्र

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