‘मामूली आधार पर 11 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी अपराध’.. एक्शन पर ‘महबूबा’ का छलका दर्द

'मामूली आधार पर 11 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी अपराध'.. एक्शन पर 'महबूबा' का छलका दर्द

‘मामूली आधार पर 11 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी अपराध’.. एक्शन पर ‘महबूबा’ का छलका दर्द
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: July 11, 2021 9:15 am IST

श्रीनगर, 11 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि 11 सरकारी कर्मचारियों को ‘‘मामूली आधारों’’ पर बर्खास्त करना अपराध है और केंद्र संविधान को “रौंदकर छद्म राष्ट्रवाद की आड़ में” जम्मू-कश्मीर के लोगों को “नि:शक्त” बना रहा है।

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महबूबा ने ट्वीट किया, “भारत सरकार उस संविधान को रौंदकर छद्म राष्ट्रवाद की आड़ में जम्मू-कश्मीर के लोगों को नि:शक्त बनाना जारी रखे हुए है, जिसे बरकरार रखा जाना चाहिए।

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तुच्छ आधारों पर 11 सरकारी कर्मचारियों की अचानक बर्खास्तगी अपराध है। जम्मू-कश्मीर के सभी नीतिगत फैसले कश्मीरियों को दंडित करने के एकमात्र उद्देश्य से किए जाते हैं।’’

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अधिकारियों ने शनिवार को बताया था जम्मूकश्मीर सरकार ने आतकंवादी संगठनों के सहयोगी के रूप में कथित तौर पर काम करने को लेकर हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों और दो पुलिस कर्मियों सहित अपने 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

 


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