द्रमुक महिला विरोधी, तृणमूल कांग्रेस गरीबों पर अन्याय करने वाली: सीतारमण

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द्रमुक महिला विरोधी, तृणमूल कांग्रेस गरीबों पर अन्याय करने वाली: सीतारमण

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 01:20 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 01:20 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को लोकसभा में इन दोनों प्रदेशों की सरकारों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार महिला विरोधी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है।

उन्होंने सदन में वित्त विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बयान का उल्लेख किया और कहा कि द्रमुक सरकार महिलाओं के खिलाफ है और इस बार महिलाओं का समर्थन उसे नहीं मिलेगा।

उनका कहना था कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया जा रहा है।

सीतारमण ने आरोप लगाया, ‘‘तमिलनाडु की द्रमुक सरकार महिलाओं के खिलाफ है। उसे महिलाओं का समर्थन नहीं मिलेगा।’’

जब कुछ विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई तो वित्त मंत्री ने कहा कि यह शर्मनाक है कि विपक्षी दलों के लोग द्रमुक के समर्थन में खड़े हैं।

द्रमुक सदस्यों के सदन में मौजूद नहीं रहने को लेकर वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘जब भी मैं बोलती हूं तो द्रमुक के सदस्य सदन में नहीं बैठते हैं। यह पहली बार नहीं हुआ है। तृणमूल कांग्रेस भी ऐसा ही करती है।’’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने मंगलवार को केंद्र से जून में संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया ताकि परिसीमन, सीट वृद्धि और राज्यों के प्रतिनिधित्व के वर्तमान हिस्से को तीस वर्षों तक जारी रखने की गारंटी के लिए संवैधानिक संशोधन पारित किए जा सके।

महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करने की तैयारी संबंधी खबरों को लेकर स्टालिन ने कहा था, ‘‘यह कदम संविधान (128वां संशोधन) विधेयक 2023 के अनुरूप नहीं है, जिसे केंद्र की भाजपा सरकार ने पारित किया था और न ही यह उनके उस पहले के रुख के अनुरूप है जिसमें कहा गया था कि इस ऐतिहासिक पहल को केवल 2026 के बाद कराई जाने वाली जनगणना के आधार पर परिसीमन होने के बाद ही लागू किया जाएगा।’’

सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना असम में लागू की और सात लाख चाय बागान श्रमिकों को फायदा हुआ, लेकिन पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने इसे लागू नहीं किया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार चाय बागान में काम करने वाले 3.7 लाख श्रमिकों के साथ अन्याय कर रही है।’’

उन्होंने आयुष्मान भारत और कुछ अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पश्विम बंगाल सरकार ने इन्हें लागू नहीं किया है।

सीतारमण ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियों के शासन ने पश्चिम बंगाल में उद्योग जगत की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी और फिर तृणमूल कांग्रेस ने भी यही किया।

भाषा हक हक वैभव

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