Chhattisgarh Naxal Eradication News: मोस्ट-वांटेड पापराव के सरेंडर से बदल गया छत्तीसगढ़ का ‘नक्सल-नक्शा’.. ये धुर प्रभावित जिला ‘अति संवेदनशील’ ग्रेड से बाहर

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Most Naxal Affected area in india: पापाराव समेत 18 नक्सलियों का सरेंडर, बीजापुर ही अति संवेदनशील जिला, नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर।

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 02:55 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 02:55 PM IST

Most Naxal Affected area in india || Image- Symbolic File IBC24 News

HIGHLIGHTS
  • पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
  • बीजापुर अब एकमात्र अति संवेदनशील जिला
  • नक्सलवाद खत्म होने के करीब पहुंचा छत्तीसगढ़

रायपुर: दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और दशकों तक सुरक्षाबलों के सामने सुनौती पेश करने वाले दुर्दांत नक्सली पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। इस इनामी नक्सली को 2010 में ताड़मेटला में हुए 76 सीआरपीएफ जवानों के हत्या का मास्टरमाइंड भी माना जाता है। (Most Naxal Affected area in india) राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा और बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने दावा किया है कि, पापाराव बस्तर रीजन में सक्रिय आखिर नक्सली नेता था। ऐसे में इस सरेंडर को नक्सवाद के ताबूत अपर आखिरी कील समझा जा रहा है।

सिर्फ बीजापुर जिला ही “अति संवेदनशील”

बहरहाल इस बीच केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में अपग्रेडेशन किया है। सरकार ने नारायणपुर जिले को ‘अति संवेदनशील’ ग्रेड से बाहर कर दिया है। नारायणपुर करीब तीन दशकों तक सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में सबसे ज्यादा नक्सल हिंसा से प्रभावित जिला रहा है। यहां बड़े पैमाने पर नक्सली वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। नारायणपुर को एक दौर में नक्सलियों का हेड क्वाटर कहा जाता था। वही इस अपग्रेडेशन के बाद अब सिर्फ बीजापुर जिला ही “अति संवेदनशील” रह गया है। इसके साथ ही नारायणपुर, अबूझमाड़ भी नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे है।

गौरतलब है कि, सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे यानी डेडलाइन को महज पांच दिन ही बाकी हैं। केंद्र और राज्य की सरकारों ने संयुक्त तौर पर 31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी हिस्सों से हथियारबंद नक्सलवाद को पूरी तरह से ख़त्म करने का दावा किया था। छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के ज्यादातर इलाके नक्सलमुक्त हो चुके हैं, जबकि मध्यप्रदेश राज्य माओवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। (Most Naxal Affected area in india) बात छत्तीसगढ़ की करें तो DKSZC मेंबर पप्पा राव ने भी अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया था। पप्पा राव को लेकर गृहमंत्री का दावा है कि वह क्षेत्र में सक्रिय आखिरी नक्सली नेता था। इसके साथ ही राज्य में महज 30-35 माओवादी ही शेष रह गए हैं।

गृहमंत्री ने बताया नक्सल उन्मूलन का आंकड़ा

इस बीच कांग्रेस ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या 31 मार्च के बाद प्रदेश में नक्सली घटनाएं रुक जाएंगी? विपक्षी दल के इसी सवाल का जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि 31 मार्च की रात हैप्पी न्यू ईयर नहीं है। 8 हजार नक्सलियों के संगठन को 2 साल में खत्म किया गया। इस दौरान 3 हजार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। 2 हजार नक्सली गिरफ्तार किए गए, जबकि साढ़े 500 से ज्यादा नक्सली मार गिराए गए। इसके बाद भी कांग्रेस सवाल खड़ा कर रही है। विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में शायद हैप्पी न्यू ईयर भरा है, इसलिए वे ऐसा सवाल कर रहे हैं।

पप्पा राव की वापसी बड़ी कामयाबी

गौरतलब है कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य पापाराव समेत कुल 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस संबंध में आईजी बस्तर पी. सुंदरराज ने मंगलवार को जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में पापाराव के अलावा डिविजनल कमेटी सदस्य प्रकाश मडवी और अनिल भी शामिल हैं। इन सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। आत्मसमर्पण के दौरान ये लोग AK-47 समेत अन्य हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपेंगे। (Most Naxal Affected area in india) आईजी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले 18 नक्सलियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी का पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया आगे पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2026 को हुई यह घटना बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दंडकारण्य में पहली बार माओवादी संगठन नेतृत्वहीन हो गया है। आईजी सुंदरराज ने उम्मीद जताई कि बाकी बचे नक्सली भी जल्द ही हिंसा छोड़कर शांति का रास्ता अपनाएंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।

55 लाख रुपए के इनामी सुकरु का सरेंडर

पापाराव के सरेंडर के साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ओडिशा पुलिस के सामने 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों ने अपने पास मौजूद AK-47, SLR, 303 और सिंगल शॉट बंदूकें भी पुलिस के हवाले कर दी हैं। इसमें प्रमुख नक्सली सुकरु पर 55 लाख रुपए का इनाम था, (Most Naxal Affected area in india) जबकि सभी पांचों नक्सलियों पर कुल 66 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इसके साथ ही करीब 7 लाख रुपए कीमत के हथियार भी सरेंडर किए गए हैं।

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Q1. पापाराव का सरेंडर क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

पापाराव को बस्तर का आखिरी सक्रिय नक्सली नेता माना गया, इसलिए यह बड़ी सफलता है।

Q2. अब छत्तीसगढ़ में कौन सा जिला अति संवेदनशील है? नारायणपुर को सूची से हटाने के बाद अब केवल बीजापुर जिला ही अति संवेदनशील बचा है। Q3. नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन क्या है? केंद्र और राज्य सरकारों ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा है

नारायणपुर को सूची से हटाने के बाद अब केवल बीजापुर जिला ही अति संवेदनशील बचा है।

Q3. नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन क्या है?

केंद्र और राज्य सरकारों ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा है