Reported By: Jitendra Thawait
,Bilaspur Bird Flu News / Image Source : FILE / SCREENGRAB
बिलासपुर : Bilaspur Bird Flu News छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक ओर जहाँ बर्ड फ्लू की आहट ने लोगों को डरा रखा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की भारी लापरवाही सामने आई है। शहर के खमतराई स्थित ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास खुले मैदान में बड़ी संख्या में मरे हुए मुर्गे फेंक दिए गए हैं। इलाके में मरे मुर्गों के सड़न और बदबू से लोग परेशान हो गए हैं, साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। इस पूरे घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने प्रशासन को दी है।
दरअसल बिलासपुर में H5N1 वायरस यानी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 1 किलोमीटर क्षेत्र को इन्फेक्टेड ज़ोन और 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस ज़ोन घोषित कर दिया था । इन्फेक्टेड ज़ोन में रामकृष्ण परमहंस नगर और विद्यासागर नगर वार्ड को शामिल किया गया है, जहां संक्रमण की पुष्टि के बाद विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन्फेक्टेड और सर्विलांस ज़ोन में सभी प्रकार की पोल्ट्री गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। Dead Chickens Found Bilaspur इसके तहत मुर्गी और अंडे जैसे पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही पोल्ट्री उत्पादों की दुकानों को भी अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। डोर-टू-डोर डिलीवरी सेवाओं पर भी रोक लागू कर दी गई है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। इसके अलावा शहर में चेकपोस्ट स्थापित कर निगरानी बढ़ा दी गई है और सर्विलांस ज़ोन के भीतर और बाहर पोल्ट्री पक्षियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सक्रिय किया गया है। कुक्कुट फार्म में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू का प्रकोप अब एक भीषण स्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है, जहाँ 19 मार्च से शुरू हुए मौतों के सिलसिले में अब तक 4744 पक्षियों की जान जा चुकी है। संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने 22 हजार 808 चूजे, बतख और बटेरों को नष्ट करने के साथ ही 80 क्विंटल दाना और 25 हजार अंडों को डिस्पोज किया है, लेकिन इस ऑपरेशन में विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
संक्रमण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर यूज्ड PPE किट, मास्क और ग्लव्स सड़कों पर खुले में फेंक दिए गए हैं, वहीं मरे हुए पक्षियों के अवशेष और फूटे हुए अंडे सरेआम बिखरे पड़े हैं। सबसे डरावनी स्थिति यह है कि इसी संक्रमित कचरे के बीच मवेशी लगातार विचरण कर रहे हैं, जिससे वायरस के इन मवेशियों के जरिए रिहायशी इलाकों तक पहुँचने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन की यह घोर अनदेखी न केवल बर्ड फ्लू के दायरे को बढ़ा सकती है, बल्कि शहर के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।