द्रमुक ने षणमुगम के दावों को नकारा, अन्नाद्रमुक के साथ चुनाव बाद गठबंधन की खबरों का किया खंडन

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द्रमुक ने षणमुगम के दावों को नकारा, अन्नाद्रमुक के साथ चुनाव बाद गठबंधन की खबरों का किया खंडन

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 04:19 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 04:19 PM IST

चेन्नई, 12 मई (भाषा) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने मंगलवार को अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री सी.वी. षणमुगम पर निशाना साधते हुए उनके उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें चुनाव के बाद गठबंधन के लिये दोनों दलों के बीच बातचीत का दावा किया गया था।

द्रमुक ने कहा कि षणमुगम अपनी ही पार्टी को ‘तोड़ने’ के लिए बहाने तलाश रहे हैं।

षणमुगम द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए द्रमुक के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने दावा किया कि षणमुगम ने अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सरकार (पार्टी) का समर्थन करने का मन बना लिया है और इसीलिए वह द्रमुक-अन्नाद्रमुक के बीच चुनाव बाद गठबंधन की बातचीत के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

इन आरोपों का खंडन करते हुए भारती ने यहां संवाददाताओं से कहा कि द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

भारती ने कहा, ‘मैंने चुनाव परिणामों के बाद ही कह दिया था कि ये केवल अटकलें और अफवाह हैं। हमने अगले ही दिन अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। हमारा रुख आज भी वही है।’

भारती ने कहा कि विधानसभा में भी द्रमुक विधायक दल के नेता उदयनिधि स्टालिन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी विपक्ष के रूप में काम करेगी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में अब ‘दलबदलू संस्कृति’ और ‘अल्पमत सरकार’ की वैसी ही स्थिति देखी जा रही है, जैसी अक्सर उत्तर भारत में नजर आती है।

भारती के अनुसार, षणमुगम द्वारा द्रमुक पर आरोप लगाने की कोशिश केवल जनता का ध्यान भटकाने का एक जरिया है।

उन्होंने दावा किया कि अन्य राजनीतिक दलों के विपरीत, द्रमुक एक अखंड इकाई के रूप में एकजुट है और पार्टी चुनावों में जीत या हार से नहीं डरती।

द्रमुक के वरिष्ठ नेता ने षणमुगम पर ‘सत्ता का भूखा’ होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अब यह देखना बाकी है कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, जिन्होंने 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के विकल्प के रूप में चुनाव लड़ा था, क्या वे अन्नाद्रमुक के इस गुट को अपने गठबंधन में शामिल करेंगे।

इससे पहले, पत्रकारों से बातचीत में षणमुगम ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने और ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (टीवीके) सरकार को समर्थन देने के फैसले की घोषणा की थी।

उन्होंने दावा किया कि एक ऐसा प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें द्रमुक के सहयोग से अन्नाद्रमुक की सरकार बनाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, ज्यादातर विधायकों ने इस विचार को खारिज कर दिया और टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया।

षणमुगम ने कहा, ‘अगर द्रमुक के साथ गठबंधन किया गया, तो अन्नाद्रमुक का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। हमने द्रमुक के विरोध में इस पार्टी की स्थापना की थी। पिछले 53 वर्षों से हमारी राजनीति पूरी तरह द्रमुक के खिलाफ रही है।’

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप