झारखंड में जल और बिजली किल्लत को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन किया

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झारखंड में जल और बिजली किल्लत को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 05:03 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 05:03 PM IST

रांची, 12 मई (भाषा) झारखंड में कथित जल और बिजली किल्लत के विरोध में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मंगलवार को पूरे राज्य में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया।

रांची में राज्य की भाजपा इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जल संकट के प्रतीक के रूप में घड़े लेकर जिला स्कूल ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति की मांग करते हुए नारे लगाए।

सेठ ने राज्य सरकार पर लोगों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे राज्य में लोगों को पीने के पानी की गंभीर कमी और लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया, ‘सरकार राजनीतिक पर्यटन में व्यस्त है और बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें भी मुहैया कराने में नाकाम रही है। रांची के निवासियों को आठ से दस घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी बदतर है।’

साहू ने कहा कि भाजपा पिछले एक सप्ताह से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और आगाह किया कि अगर सरकार स्थिति में सुधार करने में विफल रही तो प्रदर्शन और तेज हो जाएगा।

एक सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला, खुंटी और दुमका के जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किए जाने के बाद समाप्त हुआ।

मुंडा ने आरोप लगाया कि राज्य में शासन व्यवस्था ‘पूरी तरह से ध्वस्त’ हो गई है और कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार गर्मी के मौसम में पानी और बिजली की आपूर्ति का प्रबंधन करने में विफल रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में 80,000 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं।

दुमका में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर पीने के पानी व बिजली की उचित आपूर्ति की मांग की।

पूर्व मंत्री राज पालीवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दों को हल करने में पूरी तरह विफल रही है।

भाषा

शुभम माधव

माधव