चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : रेजीडेंट चिकित्सक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे

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चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : रेजीडेंट चिकित्सक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे

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  • Publish Date - August 21, 2024 / 12:52 PM IST,
    Updated On - August 21, 2024 / 12:52 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) कोलकाता के एक अस्पताल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या की घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल के 10वें दिन बुधवार को दिल्ली के रेजीडेंट डॉक्टर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।

इन प्रदर्शनों के कारण शहर के कई सरकारी अस्पतालों में वैकल्पिक सेवाएं निलंबित हैं।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जीटीबी, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों ने मौन प्रदर्शन में भाग लेने का अनुरोध करते हुए अलग-अलग बयान जारी किए हैं।

मंगलवार को उच्चतम न्यायालय की सुनवाई के बाद केंद्र सरकार द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने यह कहते हुए हड़ताल रद्द कर दी थी कि, ‘‘स्वास्थ्य मंत्रालय और चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली गई हैं तथा कार्यान्वयन के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।’’

हालांकि, एक घंटे के भीतर ही आरएमएल के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने एक बयान में कहा, ‘‘कुछ गलतफहमी हुई थी और हम इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम अपने सहयोगियों और अन्य आरडीए के साथ खड़े हैं। हम अपना निर्णय तभी लेंगे जब सभी आरडीए के बीच आम सहमति बन जाएगी, और सभी आरडीए का आम निर्णय हमारा निर्णय होगा। हम एकजुट हैं।’’

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा तथा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल विकसित करने के वास्ते 10 सदस्यीय कार्य बल गठित किया। उसने प्रदर्शनरत चिकित्सकों से हड़ताल खत्म करने का अनुरोध करते हुए कहा कि चिकित्सकों के काम से अनुपस्थित रहने से समाज के वे वर्ग प्रभावित होते हैं जिन्हें चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।

दिल्ली में प्रमुख अस्पतालों के आरडीए के साथ ‘फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन्स’ (फोरडा) और ‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन्स’ (एफएआईएमए) के सदस्य अनिश्चतकालीन हड़ताल पर हैं।

रेजीडेंट चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाले दोनों संघों ने आरडीए सदस्यों के साथ एक बैठक के बाद मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि जब तक स्वास्थ्य मंत्रालय ‘क्लीनिकल प्रैक्टिस भत्ते’ (सीपीए) के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे।

कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को सेमीनार हॉल के भीतर चिकित्सक का शव पाया गया था जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। कोलकाता पुलिस ने इस घटना के संबंध में अगले दिन एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा