कोलकाता, 29 सितंबर (भाषा) चिकित्सकों के पंजीकरण में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को साल्ट लेक स्थित पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद के कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया।
यह प्रदर्शन चिकित्सा परिषद की उस हालिया अधिसूचना के बाद हुआ है, जिसके तहत पांच कथित फर्जी चिकित्सकों के पंजीकरण रद्द किए गए हैं। इन कथित फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ बिधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
अधिसूचना के अनुसार, दो व्यक्तियों जुल्फिकार मंडल और सैदुल हक के पास एक ही पंजीकरण संख्या पाई गई। इसी तरह की अनियमितताओं के सिलसिले में शेख यूनुस हसन, उत्तम मैती और हाफिजुर हलदर नाम भी सामने आए।
प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से सत्ताधारी भाजपा से जुड़े चिकित्सक शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजीकरण संख्याओं के दोहराव ने चिकित्सा परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर खड़े किए हैं। यह परिषद पिछली तृणमूल सरकार से जुड़े चिकित्सकों द्वारा चलाया जा रहा था।
उन्होंने पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. सुदीप्त रॉय और उपाध्यक्ष डॉ. सुशांत रॉय के इस्तीफे की भी मांग की और आरोप लगाया कि परिषद राज्य में ‘फर्जी’ चिकित्सकों की बढ़ती संख्या को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।
प्रदर्शनकारी प्रदर्शन स्थल पर दो बकरियां लेकर आए और उन्होंने उनके गले में परिषद के वर्तमान तथा पूर्व अध्यक्षों की तस्वीरें लटका दीं।
बाद में प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य भवन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी को एक ज्ञापन सौंपा।
भाषा
प्रचेता दिलीप
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