Donald Trump Statement Against India || Image- ANI File
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत और चीन को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भारत ने बेहद संयमित प्रतिक्रिया दी है। (Donald Trump Statement Against India) ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को “धरती का नरक” बताया था, जिसके बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
Trump posts a rant on Birth Right Citizenship case on Truth Social, targets Indian & Chinese migrants.
“A baby here becomes an instant citizen, and then they bring the entire family in from China or India or some other hellhole on the planet.”
“They’re also abusing it. I used… pic.twitter.com/TuUqrgYKAt
— Navroop Singh (@TheNavroopSingh) April 23, 2026
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि सरकार ने संबंधित रिपोर्ट्स देखी हैं। उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “हमने कुछ रिपोर्ट देखी हैं, मैं इसे यहीं छोड़ता हूं।” भारत की यह प्रतिक्रिया डिप्लोमैटिक तौर पर बेहद संतुलित मानी जा रही है।
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं, फिलहाल मैं यहीं तक कहूंगा। https://t.co/ei7RRqxwvN pic.twitter.com/q21YxpjVQg
— Ankit Kumar Avasthi (@kaankit) April 23, 2026
विवाद की शुरुआत ट्रंप द्वारा उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ” पर साझा किए गए एक पत्र से हुई। इस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका की जन्मसिद्ध नागरिकता नीति की आलोचना करते हुए दावा किया कि इसका दुरुपयोग हो रहा है। (Donald Trump Statement Against India) इसी दौरान भारत और चीन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, हालांकि अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। ईरान ने भारत और चीन का समर्थन करते हुए उन्हें “सभ्यता का पालना” बताया। हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए ट्रंप की आलोचना की और कहा कि वास्तविक “नरक” वह जगह है जहां युद्ध और अस्थिरता को बढ़ावा दिया जाता है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बेहद तनावपूर्ण स्थिति बनी और पिछले दिनों युद्ध के चलते भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। (Donald Trump Statement Against India) वही मौजूदा वक़्त में सीजफायर को लेकर बातचीत के बीच ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों को लेकर भी बयानबाजी जारी है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान नया वैश्विक विवाद पैदा करने वाला माना जा रहा है।
China and India are the cradles of Civilization. In fact, the #hellhole is where its war-criminal president threatened to decimate the civilization in Iran.
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) April 23, 2026
इस खबर से अलग अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने ईरान से जुड़ा एक और तेल टैंकर जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल ईरानी तेल की ‘तस्करी’ के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि उसने हिंद महासागर में तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक एक्स’ को जब्त किया है। रक्षा विभाग ने कहा, “हम ईरान को रसद सहायता प्रदान करने वाले अवैध नेटवर्क को बाधित करते रहेंगे, चाहे ऐसे जहाज कहीं भी संचालित हों।”
गौरतलब है कि, यह घटना ईरान द्वारा बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला करने और उनमें से दो को अपने कब्जे में लेने के बाद हुई है। रक्षा विभाग ने तेल टैंकर को जब्त करने का फुटेज जारी किया, जिसमें जहाज पर अमेरिकी सैनिक दिखाई दे रहे हैं। (Donald Trump Statement Against India) जहाज निगरानी आंकड़ों से पता चलता है कि ‘मैजेस्टिक एक्स’ हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच मौजूद था, लगभग उसी स्थान पर जहां तेल टैंकर ‘टिफानी’ था, जिसे पहले अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया था।
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