नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री तनाव के ताजा मामले में ईरान द्वारा कब्जे में लिए गए एक जहाज के चालक दल में एक भारतीय नाविक शामिल है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बुधवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना द्वारा जिन तीन विदेशी ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की गई थी, उनमें से दो जहाजों पर 22 भारतीय नाविक सवार थे। उन्होंने कहा, ”दोनों जहाजों पर सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं।” तीसरे जहाज पर कोई भारतीय सवार नहीं था।
ईरान ने बुधवार को जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे दो विदेशी कंटेनर जहाजों को पकड़ लिया और तीसरे पर फायरिंग की। यह कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और ईरानी ध्वज वाले जहाजों को पकड़े जाने के जवाब में की गई है।
ईरानी सुरक्षा बलों ने ‘फ्रांसेस्का’ और ‘एपापिनोंडास’ नामक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। फ्रांसेस्का पर कोई भारतीय नहीं है, जबकि एपापिनोंडास पर सवार 21 सदस्यीय चालक दल में एक भारतीय शामिल है। पनामा के ध्वज वाला तीसरा कंटेनर जहाज ‘यूफोरिया’ है, जिस पर 21 भारतीय नाविक सवार हैं।
मंगल ने कहा, ”वे सभी सुरक्षित हैं।”
एपापिनोंडास पनामा के ध्वज वाला जहाज है, जिसमें अधिकतर यूक्रेन और फिलीपीन के नागरिक हैं और यह भारत आ रहा था। मंगल ने बताया, ”हमने संबंधित अधिकारियों से बात की है और वह (एपापिनोंडास पर सवार भारतीय नाविक) सुरक्षित है।”
उन्होंने बताया कि एपापिनोंडास और फ्रांसेस्का फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिसका अर्थ है कि वे ईरानी जलक्षेत्र में और ईरानी सुरक्षा बलों के नियंत्रण में हैं। वहीं, 21 भारतीय नाविकों वाला तीसरा जहाज यूफोरिया पूर्वी हिस्से में था, यानी वह युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल चुका है।
मंगल ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि जहाज कब्जे में लिए गए हैं, बल्कि स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ”अब आप खुद समझ सकते हैं कि कौन सा जहाज कहां है।”
तेहरान का कहना है कि इन जहाजों ने पारगमन नियमों का उल्लंघन किया या चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जबकि समुद्री सूत्रों ने संकेत दिया है कि कम से कम एक जहाज के पास पहले से मंजूरी थी।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वेंगार्ड टेक ने कहा कि जिस जहाज पर गोलीबारी की गई, वह लाइबेरिया के ध्वज के साथ चल रहा था और उसे जलमार्ग से गुजरने के लिए अधिकृत किया गया था।
भाषा पाण्डेय रमण
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