मैसुरु (कर्नाटक), 29 मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने नव नियुक्त पुलिस उपनिरीक्षकों से कोई समझौता किए बिना न्याय को कायम रखने और नशामुक्त एवं न्यायसंगत समाज के निर्माण में योगदान देने का रविवार को आह्वान किया।
मुख्यतंत्री मैसुरु के परेड मैदान में सिविल पुलिस उपनिरीक्षक प्रशिक्षुओं के 46वें बैच की पासिंग-आउट परेड को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने वर्दी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि अनुशासन, संयम, साहस, ईमानदारी और मानवता पुलिस सेवा की पहचान होनी चाहिए।
न्याय की सर्वोच्चता पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “पुलिस को न्याय को कायम रखने के मामले में किसी भी परिस्थिति में किसी से समझौता नहीं करना चाहिए।”
उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि उन्हें सरकार के प्रतिनिधि के रूप में देखा जाता है, इसलिए उन्हें जवाबदेही और निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नशे की लत युवाओं और विद्यार्थियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है और इससे निपटने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर गृह मंत्री जी. परमेश्वर, मंत्री एच. सी. महादेवप्पा और के. वेंकटेश तथा पुलिस महानिदेशक आलोक मोहन भी उपस्थित थे।
भाषा खारी सिम्मी
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