जम्मू, तीन अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर में हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अपने सभी तीन उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने के बाद, गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) ने केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक विचार-विमर्श किया।
पार्टी की ओर से शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि आजाद ने श्रीनगर और जम्मू दोनों राजधानियों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी स्तरों पर पार्टी सदस्यों को शामिल करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
आजाद ने बैठकों में कहा, ‘‘हमारा ध्यान विकास, शांति और हमारे अधिकारों की वापसी पर होना चाहिए।’’
ये बैठकें विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सुझाव और जानकारी जुटाने के लिए बुलाई गई थीं।
आजाद ने डीपीएपी की चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लोगों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एकीकृत और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।
लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए डीपीएपी अध्यक्ष ने कहा कि ये चुनाव मुख्य रूप से राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित रहे हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में एक अलग परिदृश्य सामने आयेगा।
आजाद ने कहा कि लोग निर्दोष हैं और पार्टियां केवल धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करती हैं, जिससे अंततः जनता को नुकसान होता है। उन्होंने ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह कभी भी लोगों को गुमराह नहीं करेंगे या झूठ नहीं बोलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मिशन जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए विकास और शांति को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।’’
विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अगली सरकार बनाने के उद्देश्य से विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की।
भाषा देवेंद्र पवनेश
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