मत्स्य पालन और जल कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए एसओपी का मसौदा तैयार किया गया : सरकार

मत्स्य पालन और जल कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए एसओपी का मसौदा तैयार किया गया : सरकार

मत्स्य पालन और जल कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए एसओपी का मसौदा तैयार किया गया : सरकार
Modified Date: February 11, 2026 / 07:21 pm IST
Published Date: February 11, 2026 7:21 pm IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि मत्स्य पालन और जल कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का मसौदा तैयार कर लिया गया है।

मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने मत्स्य पालन और जल कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पहल की है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र में मछली और झींगा (शृंप) परिवहन, निगरानी, ​​रोग निगरानी और चारा छिड़काव में ड्रोन का इस्तेमाल शुरू करने की यह अपनी तरह की पहली पहल है।

सिंह ने बताया कि ड्रोन 70 किलोग्राम तक मछली/झींगा और अन्य संबंधित सामग्री ले जाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि एक तकनीकी समिति ने मत्स्य पालन और जल कृषि क्षेत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का मसौदा तैयार कर लिया है।

उन्होंने कहा कि एसओपी के मसौदे में, अन्य बातों के अलावा, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश के जल कृषि फार्म में ड्रोन आधारित निगरानी और रोग सर्वेक्षण की परिकल्पना की गई है। एसओपी ड्रोन प्रौद्योगिकी को सुव्यवस्थित रूप से अपनाने के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा।

भाषा अविनाश वैभव

वैभव


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