लक्षद्वीप के पास ईरानी नौका से 3,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त, पांच पाकिस्तानी हिरासत में

लक्षद्वीप के पास ईरानी नौका से 3,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त, पांच पाकिस्तानी हिरासत में

लक्षद्वीप के पास ईरानी नौका से 3,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त, पांच पाकिस्तानी हिरासत में
Modified Date: September 30, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: September 30, 2026 4:43 pm IST

अहमदाबाद, 30 सितंबर (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के साथ संयुक्त अभियान में लक्षद्वीप के पास अरब सागर में एक ईरानी नौका से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 526 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और हेरोइन जब्त की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

तटरक्षक बल ने एक बयान में कहा कि 25 सितंबर को चलाए गए अभियान के दौरान नौका पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया।

बयान में कहा गया कि खुफिया जानकारी के आधार पर तटरक्षक बल की इकाइयों ने समुद्री और हवाई निगरानी की तथा संदिग्ध नौका का पता लगाया। इसमें कहा गया कि इसके बाद उसका पीछा किया गया और लक्षद्वीप के पश्चिम में नौका पर चढ़कर उसकी तलाशी ली गई।

तटरक्षक बल के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों में उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामाइन और हेरोइन शामिल है।

इसने बताया कि नौका, उसके चालक दल और जब्त किए गए मादक पदार्थों को सशस्त्र सुरक्षा के बीच पूछताछ तथा आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के उपमहानिरीक्षक सुनील जोशी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह अभियान ईरान से समुद्री मार्ग के ज़रिए तस्करी करके भारत लाई जा रही एक खेप के बारे में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था।

शुरुआती जांच के मुताबिक, यह प्रतिबंधित सामान समुद्र के बीच खेप लेने के बाद तमिलनाडु के तट पर पहुंचना था।

जोशी ने बताया कि ‘आज़ाद’ नाम की संदिग्ध ईरानी नौका को 25 सितंबर की शाम लक्षद्वीप से उत्तर-पश्चिम में लगभग 160 समुद्री मील और मुंबई से दक्षिण-पश्चिम में लगभग 490 समुद्री मील की दूरी पर रोका गया।

उन्होंने बताया कि तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी की तथा गुजरात एटीएस तथा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली ठोस जानकारी के आधार पर संदिग्ध पोत का पता लगाया।

जोशी ने बताया कि खुफिया जानकारी से पता चला है कि नाइजीरिया के एक नागरिक ने हाल ही में गुजरात के एक वांछित आरोपी से मुलाकात की थी तथा उन्होंने ईरान से भारत में 500 किलोग्राम से अधिक मेथामफेटामाइन एवं हेरोइन की तस्करी करने की योजना बनाई थी।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिए अग्रिम राशि कथित तौर पर हवाला के ज़रिए भेजी गई थी, और तस्करों ने गुजरात के तट से बचने और समुद्र में ही सामान उतारने की योजना बनाई थी।

जोशी ने कहा, ‘‘बाद की जांच से पता चला कि यह नौका लक्षद्वीप और मुंबई के पास के जलक्षेत्र से आने वाली थी, ताकि बीच समुद्र में तमिलनाडु की एक दूसरी नौका पर सामान पहुंचाया जा सके।’’

खुफिया जानकारी मिलने के बाद, गुजरात एटीएस के अधिकारियों की एक अभियान टीम को भारतीय तटरक्षक बल के पोत पर तैनात किया गया।

उन्होंने कहा कि अभियान 14 सितंबर को शुरू हुआ और जहाज़ को रोके जाने तक लगभग 10 दिन तक चला।

जोशी ने कहा, ‘‘खुले समुद्र के इतने बड़े इलाके में हर संदिग्ध नौका की जांच करना और सही नौका का पता लगाना एक बहुत बड़ी चुनौती था। हालांकि, तटरक्षक बल की टीम और हमारे अधिकारियों ने इस अभियान को बहुत समझदारी और सफलता के साथ पूरा किया।’’

उन्होंने बताया कि बताया कि तटरक्षक बल ने नौका को रोका, इसके चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिया और नौका की तलाशी ली। उन्होंने कहा कि इसमें स्टारलिंक उपकरण लगा था, जो समुद्र में रहने के दौरान उपग्रह इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

इसके बाद कानूनी कार्रवाई के लिए जहाज़, चालक दल और ज़ब्त किए गए मादक पदार्थ को मुंबई लाया गया।

हिरासत में लिए गए चालक दल के पांच सदस्यों की पहचान मोहम्मद याकूब बलोची, शाकिरुल्ला, फरीदुल्ला, अहमद खान और वाहिदुल्ला खान के रूप में हुई है, और ये सभी पाकिस्तान के पेशावर के रहने वाले हैं।

एटीएस के अनुसार, नौका ईरान के कोनारक बंदरगाह के पास से रवाना हुई थी।

जोशी ने बताया कि छोटी नौका पर सवार तस्करों ने पाकिस्तान के ग्वादर से गुज़रते समय प्रतिबंधित सामान को ईरानी पोत पर स्थानांतरित कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह खेप कथित तौर पर हाजी सलीम द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की थी और चालक दल को यह मादक पदार्थ समुद्र के बीच एक दूसरी नौका पर पहुंचाना था।

जोशी ने कहा, ‘‘शुरुआती जांच से पता चला है कि तमिलनाडु में उतारने के बाद, इस खेप को पंजाब में एक नाइजीरियाई व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।’’

उन्होंने कहा कि गुजरात एटीएस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह पूछे जाने पर कि तस्कर गुजरात के तट से हटकर समुद्र के किसी दूसरे रास्ते का इस्तेमाल क्यों करने लगे हैं, जोशी ने कहा कि गुजरात एटीएस और दूसरी एजेंसियों की हालिया सख्ती की वजह से गुजरात तट पर सामान उतारना मुश्किल हो गया है।

जोशी ने कहा, ‘‘हमारा खुफिया नेटवर्क बहुत मज़बूत है, जिससे गुजरात के तट पर तस्करी की कोशिशें लगभग पूरी तरह से रुक गई हैं। नतीजतन, अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान से लाए जाने वाले मादक पदार्थ अब भारत के दूसरे राज्यों की ओर भेजे जा रहे हैं।’’

अभियान की योजना बनाने में कथित तौर पर शामिल गुजरात के वांछित आरोपी के बारे में जोशी ने कहा कि एटीएस उसे खोजने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य चीजों का पता चलेगा और उसी के अनुसार अद्यतन जानकारी साझा की जाएगी।

भाषा

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