आस्था कुंज मामले के बाद डीयू की छात्राओं ने कला संकाय के पास निकाला विरोध मार्च

आस्था कुंज मामले के बाद डीयू की छात्राओं ने कला संकाय के पास निकाला विरोध मार्च

आस्था कुंज मामले के बाद डीयू की छात्राओं ने कला संकाय के पास निकाला विरोध मार्च
Modified Date: September 28, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:01 pm IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से कथित दुष्कर्म की घटना के विरोध में सोमवार को कला संकाय के पास विरोध मार्च निकाला।

आयोजकों ने बताया कि यह मार्च छात्राओं की ओर से स्वतंत्र रूप से आयोजित किया गया था और इसकी शुरुआत अपराह्न तीन बजे कला संकाय से हुई। मिरांडा हाउस की छात्राएं अपने कॉलेज के गेट नंबर सात पर एकत्र होने के बाद मार्च में शामिल हुईं।

उनके मुताबिक, ‘हम औरतें आज़ाद हैं’ नारे के तहत आयोजित किए जा रहे इस मार्च में केवल महिला और ट्रांसजेंडर छात्र ही शामिल हो सकते हैं।

यह प्रदर्शन आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से कथित दुष्कर्म के बाद डीयू के कई कॉलेजों की छात्राओं द्वारा महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में निकाले गए मार्च के कुछ दिन बाद हुआ।

छात्राओं द्वारा स्वतंत्र रूप से आयोजित किया जाने वाला यह इस तरह का तीसरा प्रदर्शन है। इससे पहले, पहला प्रदर्शन लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं द्वारा और दूसरा प्रदर्शन गार्गी कॉलेज के पास आयोजित किया गया था।

इन प्रदर्शनों के दौरान छात्रों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई है। इसके साथ ही, उन्होंने सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आवाजाही को प्रतिबंधित करने वाले कदमों का भी विरोध किया है।

उन्होंने सड़कों पर बेहतर रोशनी व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा और महिलाओं को बिना डर सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाने के उपायों की मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्राओं ने यौन हिंसा से निपटने के तौर-तरीकों के रूप में निगरानी और पाबंदियां बढ़ाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना था कि सुरक्षा और जवाबदेही में सुधार के व्यापक प्रयासों की जगह इस तरह के प्रतिबंधात्मक कदमों को विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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