डूंगरपुर मामले में आजम खान की अपील पर निर्णय सुरक्षित

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डूंगरपुर मामले में आजम खान की अपील पर निर्णय सुरक्षित

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  • Publish Date - August 13, 2025 / 12:15 AM IST,
    Updated On - August 13, 2025 / 12:15 AM IST

प्रयागराज, 12 अगस्त (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान द्वारा दायर आपराधिक अपील पर मंगलवार को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। रामपुर की एमपी..एमएलए (सांसद-विधायक) अदालत ने 30 मई, 2024 को कथित डूंगरपुर मामले में खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे खान ने यहां चुनौती दी है।

कथित डूंगरपुर मामले में एक रिहाइशी कॉलोनी को बलपूर्वक खाली कराया गया था। ठेकेदार बरकत अली ने भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक आपराधिक अपील दायर की है। न्यायमूर्ति समीर जैन ने दोनों की याचिका पर निर्णय मंगलवार को सुरक्षित रख लिया।

डूंगरपुर मामले में अबरार नाम के एक व्यक्ति ने आजम खान, पुलिस से क्षेत्राधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए आले हसन खान और ठेकेदार बरकत अली के खिलाफ अगस्त, 2019 में रामपुर के गंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कराया था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, आजम खान, आले हसन खान और बरकत अली ने दिसंबर, 2016 में उसकी पिटाई की थी और उनके घर में तोड़फोड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके साथ ही इन तीनों ने उसका घर भी ध्वस्त करा दिया था।

इस मामले में रामपुर की एमपी..एमएलए विशेष अदालत ने आजम खान को 10 वर्ष और बरकत अली को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों ने कॉलोनी खाली कराने के सिलसिले में 12 मामले दर्ज कराए थे। ये मामले गंज थाने में लूट, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज कराए गए थे।

अपीलकर्ता आजम खान के वकील इमरान उल्लाह ने दलील दी की अबरार ने घटना के तीन साल बाद प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके लिए उसने कारण बताया कि चूंकि आजम खान एक कैबिनेट मंत्री थे, वह उनके दबदबे की वजह से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने में विफल रहा।

उन्होंने कहा कि हालांकि आजम खान 2017 तक मंत्री थे और मौजूदा प्राथमिकी दो साल बाद 2019 में दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने अपीलकर्ता के खिलाफ अवैध तरीके से निर्णय दिया।

अपील का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि निचली अदालत से विधि सम्मत आदेश पारित किया गया। उन्होंने कहा कि इन अपीलकर्ताओं का लंबा आपराधिक इतिहास है और अभियोजक ने सफलतापूर्वक अपने मामले को सिद्ध किया है।

भाषा राजेंद्र

अमित

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