भारत-श्रीलंका नौका यातायात बढ़ने के बीच नगापट्टनम बंदरगाह पर खुलेंगी शुल्क-मुक्त दुकानें

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भारत-श्रीलंका नौका यातायात बढ़ने के बीच नगापट्टनम बंदरगाह पर खुलेंगी शुल्क-मुक्त दुकानें

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 10:34 AM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 10:34 AM IST

चेन्नई, 28 जून (भाषा) भारत और श्रीलंका के बीच यात्री नौका सेवा संचालित करने वाले नगापट्टनम बंदरगाह के अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनल का जल्द ही बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण किया जाएगा।

बंदरगाह के इतिहास में पहली बार तमिलनाडु सरकार ने यहां शुल्क-मुक्त खुदरा दुकानों की स्थापना का निर्णय लिया है, ताकि इस टर्मिनल को दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री और हवाई परिवहन केंद्रों के समान सुविधाओं से लैस किया जा सके।

तमिलनाडु समुद्री बोर्ड (टीएनएमबी) द्वारा समुद्री संपर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित यह टर्मिनल नगापट्टनम और श्रीलंका के उत्तरी प्रांत जाफना के निकट कंकेसनतुरई के बीच नौका सेवा संचालित करता है।

अगस्त 2024 में शुरू होने के बाद से यह मार्ग पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, व्यावसायिक यात्रियों तथा भारत और श्रीलंका के प्रवासी समुदाय के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग बनकर उभरा है।

यह फेरी सेवा सीमा शुल्क, आव्रजन, पोर्ट हेल्थ और सुरक्षा जैसी समर्पित सुविधाओं से सुसज्जित है और वर्तमान में नियमित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होती है। प्रत्येक नौका में 150 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस मार्ग को यात्रियों का उत्साहजनक समर्थन मिला है और इसकी शुरुआत से अब तक 25,000 से अधिक यात्री इस सेवा का उपयोग कर चुके हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री संपर्क की बढ़ती स्वीकार्यता और महत्ता को दर्शाती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर यात्रियों के लिए व्यावसायिक सेवाओं के विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।’’

यात्री संख्या लगातार बढ़ने के साथ अधिकारियों ने यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रीमियम सुविधाएं, रिटेल विकल्प और अन्य मूल्यवर्धित सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली ड्यूटी-फ्री दुकानें अगले छह महीनों के भीतर पूरी तरह चालू हो जाएंगी, जबकि इस परियोजना का कार्यान्वयन जुलाई से शुरू किया जाएगा।

भाषा गोला शोभना

शोभना