गांधीनगर, 27 मई (भाषा) कांगो के एक व्यवसायी और उसके संपर्क में आए तीन लोगों को अहमदाबाद के अलग-अलग अस्पतालों के पृथकवास वॉर्ड में भर्ती कराया गया है और उनके नमूनों को इबोला वायरस की जांच के लिए भेजा गया है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पंशेरिया ने बताया कि 37 वर्षीय व्यवसायी लगभग पांच से सात दिन पहले कांगो से मुंबई पहुंचा और बाद में वडोदरा चला गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘बुखार होने पर उसे वडोदरा के बैंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।’’ उन्होंने कहा कि अभी तक इबोला संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने बताया कि कारोबारी को तुरंत अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे इबोला वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मंत्री ने बताया कि भर्ती मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और वह सुरक्षित है, और उसका बुखार नियंत्रण में है।
उन्होंने यह भी बताया कि मरीज के संपर्क में आए लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखे हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘ उसके साथ आए दो अन्य व्यक्तियों को भी एहतियात के तौर पर अहमदाबाद के एसवीपी अस्पताल के पृथकवास वार्ड में भर्ती कराया गया है। इन व्यक्तियों के संपर्क में आए एक अन्य व्यक्ति को भी पृथकवास में रखा गया है।’’
उन्होंने बताया कि ये व्यक्ति 10 से 11 दिनों तक पृथकवास में रहेंगे और उनके रक्त के नमूने परीक्षण के लिए पुणे भेजे गए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला के प्रकोप को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया था।
कई अफ्रीकी देशों में इबोला के प्रकोप को देखते हुए गुजरात स्वास्थ्य विभाग अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की गहन जांच कर रहा है, और सरकारी अस्पतालों में पृथकवास वार्ड तैयार कर लिए गए हैं।
पंशेरिया ने बताया कि इसी तरह के एक अन्य मामले में एक व्यक्ति को पृथकवास में रखा गया था और बाद में उसकी रिपोर्ट में सक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा, ‘पहले भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था जिसमें एक अन्य व्यक्ति को पृथकवास में रखा गया था और उसकी रिपोर्ट ठीक आई थी। इसलिए घबराने की कोई वजह नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘फिलहाल भारत या गुजरात में इबोला वायरस का एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। एहतियात के तौर पर हम इन देशों से आने वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। यह निगरानी खासकर लोगों के लिए है जिनमें हल्के बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते हों।, ‘
भाषा शोभना माधव
माधव