Suvendu Adhikari On Bakrid /Image Credit: X Handle
Suvendu Adhikari On Bakrid: नई दिल्ली: शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश बॉर्डर पर हलचल तेज है। उत्तर परगना के पास हकीमपुर चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा है। दावा किया जा रहा है कि ये भीड़ कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं। जो अपने वतन वापस जा रहे हैं। हालांकि बॉर्डर पर जो गहमागहमी है, (Suvendu Adhikari On Bakrid) उसके पीछे शुभेंदु सरकार की 3 डी यानी ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति को मानी जा रही है। अब सवाल ये उठता है कि, आखिर क्या है ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ फॉर्मूला?
शुभेंदु सरकार के नए मॉडल में तीन स्टेप हैं..
पहला, संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान यानी डिटेक्ट…
दूसरा, सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों से उनका नाम हटाना यानी डिलीट..
और तीसरा, उन्हें हिरासत में लेकर देश से बाहर भेजना यानी डिपोर्ट..
Suvendu Adhikari On Bakrid: शुभेंदु अधिकारी भी दो टूक कह चुके हैं..कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, उन्हें ‘घुसपैठिया’ माना जाएगा। (Suvendu Adhikari On Bakrid) ऐसे लोगों को राज्य पुलिस पकड़ेगी और सीधे BSF को सौंप दिया जाएगा।
तो क्या वाकई शुभेंदु की वार्निंग के बाद अवैध घुसपैठियों को डर सताने लगा है, जाहिर है बीजेपी लंबे समय से इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन का मुद्दा बताती रही है। (Suvendu Adhikari On Bakrid) अब बंगाल सरकार खुलकर उसी लाइन पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है, लेकिन सवाल है ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति से बंगाल में अवैध घुसपैठ की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
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