रांची, 27 मई (भाषा) झारखंड मंत्रिमंडल ने राज्य में प्रतिबंधित मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी को रोकने के लिए सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों के वास्ते बुधवार को नकद इनाम नीति को मंजूरी दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि नकद पुरस्कार 3,000 रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक हो सकता है, जो पदार्थ की मात्रा और प्रकार सहित विभिन्न मापदंडों पर निर्भर करता है।
मंत्रिमंडल सचिवालय और सतर्कता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वंदना दादेल ने पत्रकारों को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को प्रेरित करने के वास्ते एक इनाम नीति को मंजूरी दी है।’’
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ के संबंध में सूचना देने वाले सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों को नकद इनाम दिया जाएगा।
दादेल ने बताया कि झारखंड सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने बताया कि पेंशनभोगियों के लिए भी महंगाई राहत भत्ते में भी दो प्रतिशत की वृद्धि करके इसे 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
यह वृद्धि एक जनवरी से प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में 39 एजेंडा पारित किए गए, जिनमें राज्य के बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार या स्थायी रूप से अशक्त कलाकारों के लिए मासिक पेंशन योजना को मंजूरी देना भी शामिल है।
मंत्रिमंडल ने दुमका हवाई अड्डे पर मौसम संबंधी सेवाओं के लिए राज्य सरकार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बीच समझौता ज्ञापन के मसौदे को भी मंजूरी दी।
भाषा शफीक सुरेश
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