निर्वाचन आयोग ने सीईसी की आधिकारिक यात्राओं का विवरण देने से इनकार किया: साकेत गोखले

Ads

निर्वाचन आयोग ने सीईसी की आधिकारिक यात्राओं का विवरण देने से इनकार किया: साकेत गोखले

  •  
  • Publish Date - August 21, 2026 / 08:35 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 08:35 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) राज्यसभा के पूर्व सदस्य साकेत गोखले ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की आधिकारिक यात्राओं और उन पर सार्वजनिक कोष से किए गए खर्च का विवरण देने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई इस जानकारी को ‘‘व्यक्तिगत जानकारी’’ बताते हुए विवरण देने से मना किया है।

निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा कि उन्होंने 18 जून को दायर एक आरटीआई आवेदन के माध्यम से यह जानकारी मांगी थी। उन्होंने 19 फरवरी, 2025 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) का पदभार संभालने के बाद से ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई सभी आधिकारिक यात्राओं के विवरण के साथ ही सार्वजनिक कोष से किए गए खर्च का ब्योरा मांगा था।

मांगी गई जानकारी में घरेलू और विदेश यात्राओं की कुल संख्या, प्रत्येक यात्रा की तारीख, गंतव्य, यात्रा का उद्देश्य और यात्रा के साधन, सरकारी खर्च पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ यात्रा करने वाले अधिकारियों का विवरण तथा यात्रा, आवास, दैनिक भत्ता, स्थानीय परिवहन और अन्य खर्चों की अलग-अलग जानकारी शामिल थी।

गोखले द्वारा ‘एक्स’ पर साझा की गई आरटीआई जवाब की एक प्रति के अनुसार निर्वाचन आयोग ने 31 जुलाई को दिए अपने जवाब में कहा, “इन बिंदुओं के तहत मांगी गई जानकारी व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित है और इसलिए आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(जे) के तहत इसे साझा नहीं किया जा सकता।’’

इस फैसले पर सवाल उठाते हुए गोखले ने कहा, ‘‘सरकारी यात्राओं पर सार्वजनिक कोष से किए गए खर्च को ‘व्यक्तिगत जानकारी’ कैसे कहा जा सकता है?”

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च का विवरण भी संसद में सार्वजनिक किया गया है। तो क्या ज्ञानेश कुमार को कोई विशेष छूट प्राप्त है?”

गोखले ने यह भी सवाल उठाया कि खर्च का विवरण सार्वजनिक करने से इनकार करके निर्वाचन आयोग आखिर क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ज्ञानेश कुमार की यात्राओं पर जनता का किस तरह का धन का खर्च किया गया है, जिसे निर्वाचन आयोग सार्वजनिक करने से डर रहा है?”

उन्होंने निर्वाचन आयोग पर जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी होने का भी आरोप लगाया।

इस बीच आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने निर्वाचन आयोग के जवाब की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “पहले मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज देने से इनकार करने के लिए ‘बहू-बेटी की निजता’ का हवाला दिया गया, और अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई आधिकारिक यात्राओं और उन पर खर्च किए गए जनता के पैसे का विवरण देने से इनकार करने के लिए ‘सीईसी की निजता’ का हवाला दिया जा रहा है!”

गोखले ने कहा कि निर्वाचन आयोग के जवाब से मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) की आधिकारिक यात्राओं पर किए गए खर्च को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार की यात्राओं के बारे में निर्वाचन आयोग आखिर वास्तव में क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है? हमें इसका जवाब चाहिए।’’

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश