ईडी ने लकड़ी की तस्करी के मामले में गुजरात में 11.3 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

Ads

ईडी ने लकड़ी की तस्करी के मामले में गुजरात में 11.3 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

  •  
  • Publish Date - January 24, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 06:00 PM IST

अहमदाबाद, 24 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा में खैर की लकड़ी की कथित तस्करी रैकेट के संबंध में 11.3 करोड़ रुपये मूल्य की 14 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

ईडी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत संपत्तियों को कुर्क किया गया है।

इस मामले में आरोपी मुश्ताक आदम तसिया और मोहम्मद ताहिर हुसैन सहित अन्य लोग तापी, सूरत, वलसाड, नवसारी, नर्मदा और गुजरात के अन्य जिलों के वन्यजीव अभयारण्यों से वन अधिकारियों की अनुमति के बिना खैर के पेड़ अवैध रूप से काटने में शामिल थे।

खैर की लकड़ी काफी टिकाऊ होती है। इसका व्यापक रूप से पारंपरिक चिकित्सा, रंगाई और पान में प्रयुक्त कत्था के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ईडी ने बताया कि तसिया और हुसैन कई अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लगातार अवैध रूप से खैर के पेड़ काट रहे थे। आरोप है कि इस लकड़ी को अवैध बाजार में बेचा जाता था।

एजेंसी ने कहा, ‘‘इन अवैध गतिविधियों के कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और करोड़ों रुपये की आपराधिक आय अर्जित हुई।’’

जांच के बाद, ईडी ने आरोपियों से जुड़ी 11.3 करोड़ रुपये की संपत्तियों को चिह्नित किया और उन्हें अस्थायी रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में गोधरा जिले में स्थित 14 अचल संपत्तियां शामिल हैं।

सूरत जिले के मांडवी दक्षिण रेंज के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर द्वारा 2024 में शिकायत दर्ज किए जाने के बाद धन शोधन की जांच शुरू की गई थी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का उल्लंघन करते हुए खैर की लकड़ी की कथित तस्करी के संबंध में यह शिकायत दर्ज की गई थी।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप