ईडी की तलाशी: पंजाब सरकार की याचिका पर अदालत ने वारंट अधिकारी नियुक्त किया

ईडी की तलाशी: पंजाब सरकार की याचिका पर अदालत ने वारंट अधिकारी नियुक्त किया

ईडी की तलाशी: पंजाब सरकार की याचिका पर अदालत ने वारंट अधिकारी नियुक्त किया
Modified Date: September 24, 2026 / 11:38 am IST
Published Date: September 24, 2026 11:38 am IST

चंडीगढ़, 24 सितंबर (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की कार्रवाईयों पर नजर रखने और बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे तक रिपोर्ट सौंपने के लिए एक वारंट अधिकारी नियुक्त किया है।

बुधवार देर रात पंजाब सरकार की ओर से तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग को लेकर दायर याचिका के बाद अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ईडी की ओर से जारी कार्रवाईयों की निगरानी के लिए वारंट अधिकारी नियुक्त किया।

केंद्रीय एजेंसी ने मंगलवार को धनशोधन जांच के तहत पंजाब के ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) के कार्यालयों, आवासन एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग तथा दिल्ली स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के परिसरों में यह अभियान चलाया था।

बुधवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। ईडी के अधिकारियों ने चंडीगढ़ में एक आवास पर छापेमारी की, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन अक्सर रहते हैं। सूत्रों ने बताया कि जब ईडी की टीम सेक्टर-39 स्थित इस आवास पर पहुंची, तब जैन वहां मौजूद नहीं थे और अधिकारियों ने प्रवेश के लिए ताले तोड़ दिए।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने बुधवार को लुधियाना के साहनेवाल में पंजाब के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे के आवास पर भी छापेमारी की।

ईडी की जांच रियल एस्टेट कंपनी तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स, उससे जुड़ी कुछ इकाइयों तथा उनके निदेशकों और प्रवर्तकों से संबंधित है। इन पर आरोप है कि उन्होंने जीएमएडीए से मोहाली में दो प्रमुख नीलामी स्थलों को ‘‘हासिल’’ किया और बाद में प्राधिकरण को दिए जाने वाले बकाये में ‘‘काफी’’ वित्तीय राहत प्राप्त की।

केंद्रीय एजेंसी को संदेह है कि कंपनियों को मिले ‘‘अनुचित’’ लाभ और पंजाब सरकार के खजाने को हुई क्षति 100 करोड़ रुपये से अधिक है।

ईडी ने इस मामले में कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली एक कंसल्टेंसी फर्म पर भी छापा मारा।

रियल एस्टेट कंपनी की 2023 में ईडी और सीबीआई ने कथित 290 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में जांच की थी।

ईडी के अनुसार, वह जीएमएडीए से जुड़े कुछ अन्य मामलों की भी जांच कर रही है, जिनमें बिल्डरों और डेवलपरों से वसूले जाने वाले बाहरी विकास शुल्क (ईडीसी) और ब्याज शुल्क की नीलामी तथा माफी से जुड़े मामले शामिल हैं।

ईडी की कार्रवाई के बाद सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब के लोगों और पार्टी नेताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि भगवा पार्टी ने राज्य में ‘‘राजनीतिक जमीन खो दी है।’’

आप ने बुधवार को एक बयान में कहा कि केंद्र जीएमएडीए के कामकाज में बाधा डालने और भगवंत मान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में अड़चन पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

पार्टी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के लिए पंजाब में राजनीतिक समर्थन तैयार नहीं कर सकतीं।

भाषा रंजन संतोष

संतोष


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