कन्नूर (केरलम), 14 सितंबर (भाषा) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय विधायक टी. के. गोविंदन ने सोमवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केरलम सरकार से पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा जाना ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव) गठबंधन के सदस्यों के बीच दरार पैदा करने की ‘‘रणनीति’’ है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता गोविंदन ने दावा किया कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘गलत मंशा’’ को दर्शाता है।
तलिपरंबा से निर्दलीय विधायक ने ईडी के कदम पर यूडीएफ के कुछ नेताओं के रुख का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि एजेंसी द्वारा अन्य लोगों के खिलाफ की गई ऐसी ही कार्रवाई की आलोचना करना लेकिन विजयन के खिलाफ इस कार्रवाई का स्वागत करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई ‘‘पूरी तरह राजनीति से प्रेरित’’ है क्योंकि एजेंसी केंद्र के नियंत्रण में है और उसके ‘‘औजार’’ के रूप में काम करती है।
गोविंदन ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘अगर विजयन की बेटी वीणा टी. ने गलत तरीके से पैसा कमाया है तो इसकी जांच की जाए लेकिन इसका एक तरीका होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच विजयन को फंसाने के उद्देश्य से की जाती है तो एजेंसी अपनी विश्वसनीयता खो रही है।’’
गोविंदन ने विजयन, वीणा और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के लिए ईडी द्वारा राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखे जाने को एजेंसी की ‘‘रणनीति’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि ईडी खुद मामला दर्ज कर सकता है तो फिर वह राज्य सरकार से ऐसा क्यों करवाना चाहता है।
गोविंदन ने कहा, ‘‘इसका मकसद इंडिया गठबंधन के दो सदस्यों के बीच दरार पैदा करना है। यह भाजपा की गलत मंशा को दर्शाता है।’’
ईडी ने कथित ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में विजयन, वीणा, रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए डीजीपी रवाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र भेजा है।
भाषा सिम्मी रंजन
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