जनजातीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा नामांकन के लिए अधिकाधिक प्रयास हों: बागडे
जनजातीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा नामांकन के लिए अधिकाधिक प्रयास हों: बागडे
जयपुर, 31 जुलाई (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि शिक्षा जितनी गुणवत्तापूर्ण और समयानुकूल होगी, उतनी ही वह जीवन के लिए उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगी।
राज्यपाल बांसवाड़ा स्थित गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में नवनिर्मित शैक्षणिक भवन, कुलपति आवास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का ऑनलाइन माध्यम से अनावरण कर रहे थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा जितनी गुणवत्तापूर्ण और समयानुकूल होगी, उतनी ही वह जीवन के लिए उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के नामांकन में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास किए जाने पर बल दिया।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका शिक्षा-दर्शन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास पर आधारित है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का भी आग्रह किया।
राज्यपाल ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए स्थानीय समुदाय के साथ सतत संवाद और जनजागरण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन का वास्तविक संरक्षक है, ऐसे में इस दृष्टि से विश्वविद्यालय को जनजातीय समुदाय की जल संरक्षण और प्रकृति संरक्षण संबंधी पारंपरिक ज्ञान-परंपराओं पर अधिकाधिक शोध और अनुसंधान करना चाहिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए बागडे ने कहा कि इसमें ‘लोकल से ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा के अंतर्गत स्थानीय संसाधनों पर आधारित तकनीकों के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया गया है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ऐसी शिक्षा का प्रसार करें, जिससे विद्यार्थी अपनी क्षमता को पहचान सकें और आत्मनिर्भर बनने का सामर्थ्य विकसित कर सकें।
कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
भाषा पृथ्वी खारी
खारी

Facebook


