बेंगलुरु, 12 मार्च (भाषा) बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण और हत्या के मामले में दो नाबालिगों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान आनेकल तालुक के होन्नाकलासापुरा गांव के निवासी गोपाल उर्फ गोपी के रूप में हुई है। उसकी उम्र 30-40 वर्ष के बीच थी। वह रियल एस्टेट और वित्तीय कारोबार से जुड़ा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, इस संबंध में पुलिस ने मोहन बाबू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे इस अपराध का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। मोहन बाबू का मानना था कि गोपाल ने उसके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने के लिए काला जादू किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘हमने गोपाल के अपहरण और हत्या के सिलसिले में आठ लोगों को कृष्णागिरी (तमिलनाडु) स्थित उनके ठिकाने से पकड़ा है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। इस साजिश में शामिल अन्य साथियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।’
इस मामले की जांच वर्तमान में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की टीम द्वारा की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, रविवार को गोपाल और उसके मित्र सतीश, अत्तिबेले से आनेकल की ओर कार में यात्रा कर रहे थे। घटना आनेकल तालुक में कर्पूर गेट के पास हुई।
अपहरण की योजना बनाने वाले हमलावरों ने कथित तौर पर कार को रोकने के लिए उसे एक अन्य वाहन से टक्कर मारी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बदमाशों ने कथित तौर पर गोपाल पर एक पदार्थ छिड़का और उसे अगवा कर लिया। इसके बाद वे दूसरी कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।
उन्होंने कहा कि अपहर्ताओं ने सतीश पर भी वैसा ही पदार्थ छिड़का था लेकिन वह किसी तरह गोपाल के परिवार वालों को सूचना देने में सफल रहे।
अधिकारी ने कहा, ” प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि गोपाल और मोहन दोनों चिक्कमगलुरु जिले के कलासपुरा गांव के रहने वाले थे और लगभग 10-12 वर्षों से उनके बीच अनबन थी।’’
अधिकारी ने बताया कि बाद में गोपाल ने इसी क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू कर दिया था जिससे दोनों के बीच शत्रुता पैदा हो गई क्योंकि मोहन को लगा कि वह उसके व्यवसाय में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बन रहा है।
गोपाल का शव सोमवार सुबह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के होसुर में बरामद किया गया।
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश