कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा निर्वाचन आयोग के ‘लक्षित निर्देशों’ के आधार पर केवल उसके नेताओं (विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी) के वाहनों को ‘विशेष रूप से निशाना बनाकर सख्त और गहन जांच’ की जा रही है।
सत्तारूढ़ पार्टी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘जब अन्य लोगों को छोड़ दिया जा रहा है, तो केवल तृणमूल नेताओं को ही ऐसी गहन जांच के लिए क्यों निशाना बनाया जा रहा है? यह स्पष्ट रूप से चुनकर निशाना बनाने का मामला है।’
तृणमूल के आरोपों पर निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
तृणमूल ने पुलिस पर्यवेक्षकों के व्हाट्सएप समूह में प्रसारित किए गए कथित आंतरिक निर्देशों के स्क्रीनशॉट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ को आधिकारिक सुरक्षा कवर प्राप्त सभी व्यक्तियों, नेताओं और मंत्रियों की गहन जांच करने के लिए कहा गया है।
‘फ्लाइंग स्क्वाड’ निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात की गई सचल टीम होती हैं, जिनका उद्देश्य मतदान के दौरान अवैध नकदी लेन-देन आदि के उल्लंघन की निगरानी करना और उन पर अंकुश लगाना होता है।
वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा, ‘केंद्रीय बलों और चुनाव तंत्र का इस तरह से इस्तेमाल निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य चुनावों से पहले हमारे नेतृत्व को डराना है।’
भाषा
शुभम दिलीप
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