पीओके में ‘चुनाव’ पूरी तरह से दिखावा : भारत

पीओके में ‘चुनाव’ पूरी तरह से दिखावा : भारत

पीओके में ‘चुनाव’ पूरी तरह से दिखावा : भारत
Modified Date: August 4, 2026 / 06:44 pm IST
Published Date: August 4, 2026 6:44 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) भारत ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में “तथाकथित” स्थानीय चुनाव “पूरी तरह से दिखावा” हैं और ऐसी खोखली कवायदें उस इलाके की “हकीकत” को छिपा नहीं सकतीं।

विदेश मंत्रालय ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार की कठोर कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कहा कि दुनिया को मानवाधिकारों पर इस्लामाबाद के पाखंडी उपदेशों की “खोखली परतों” को समझना चाहिए।

पीओके में बढ़ती महंगाई, कथित प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों को लेकर जून की शुरुआत से बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी नियमित प्रेस वार्ता में कहा, “पीओके में तथाकथित स्थानीय चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। असल स्थिति यह है कि वहां बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और पाकिस्तानी बलों की ओर से अंधाधुंध हत्याएं की जा रही हैं। ऐसी खोखली कवायदें सच्चाई को छिपा नहीं सकतीं।”

उन्होंने कहा, “इस साल जून से की जा रही कार्रवाई में कम से कम 90 आम नागरिकों की जान गई है।”

जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान ने जनता की नाराजगी का जवाब गोलियां चलाकर, बिजली काटकर, डरा-धमकाकर और दमन करके दिया है और अब वह एक खोखली चुनाव प्रक्रिया के जरिये अपनी वैधता साबित करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा, “उसे (पाकिस्तान) जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और दुनिया को मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के पाखंडी उपदेशों के खोखलेपन को समझना चाहिए।”

जायसवाल पीओके में चुनाव से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।

पीओके में तथाकथित स्थानीय चुनावों के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (जेएएसी) विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है।

पिछले महीने के आखिर में रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के मार्च के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल का इस्तेमाल किया, जिसमें कथित तौर पर 40 आम नागरिकों की मौत हो गई और 33 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

जेएएसी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से आधिकारिक तौर पर अपील की है कि वे “गैर-कानूनी हत्याओं” की तत्काल और स्वतंत्र जांच करें।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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