पुलिस उपायुक्त अनाधिकार प्रवेश और आपराधिक धमकी के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें:अदालत

Ads

पुलिस उपायुक्त अनाधिकार प्रवेश और आपराधिक धमकी के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें:अदालत

  •  
  • Publish Date - June 24, 2023 / 10:34 PM IST,
    Updated On - June 24, 2023 / 10:34 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) एक अदालत ने यहां संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को निर्देश दिया कि वह अनाधिकार प्रवेश और आपराधिक धमकी के एक मामले में व्यक्तिगत रूप से नजर रखें और सुनिश्चित करें कि इसकी निष्पक्ष और उचित तरीके से जांच हो।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आयुष शर्मा भारत नगर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक मामले की निगरानी के संबंध में दी गई एक अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें जानबूझकर चोट पहुंचाना, घर में अनाधिकार प्रवेश, गलत तरीके से रोकना, वसूली और आपराधिक धमकी की बात शामिल है।

अदालत ने कहा, ‘‘वर्तमान मामले में की गई जांच के संबंध में संबंधित डीसीपी से ताजा स्थिति रिपोर्ट मांगी जाए। संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को निर्देश दिया जाता है कि वह इस मामले में व्यक्तिगत रूप से नजर रखें और सुनिश्चित करें कि इसकी निष्पक्ष और उचित तरीके से जांच हो।’’

अदालत ने जांच अधिकारी को 17 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा।

अदालत ने शिकायतकर्ता के वकील संजय शर्मा की दलील पर गौर किया कि पुलिस ने प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता के तहत उचित धाराएं नहीं जोड़ीं और संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (एसएचओ) ने घटना के सीसीटीवी फुटेज के संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।

अदालत ने वकील की उस दलील पर भी गौर किया कि सह आरोपियों के अज्ञात सहयोगी के खिलाफ आरोप के बावजूद एसएचओ ने उस व्यक्ति की पहचान करके उसके खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।

शिकायतकर्ता के वकील के मुताबिक यह घटना चार अप्रैल की है जब मुख्य आरोपी अन्य आरोपियों के साथ उनके कार्यालय में जबरन घुस गया और उन्हें खामियाजा भुगतने की धमकी दी।

भाषा संतोष माधव

माधव