(श्रृति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में मरम्मत कार्यों की वजह से हौज खास किला, जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली जैसे स्मारकों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत किये गए आवेदन के जवाब में दी गई है।
‘पीटीआई-भाषा’ को प्राप्त हुई जवाब की एक प्रति के मुताबिक दिल्ली में करीब 10 स्मारकों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई है, क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) वहां संरक्षण, मरम्मत और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
आरटीआई के तहत दी गई जानकारी के मुताबिक हौज खास और कोटला फिरोज़ शाह परिसर में मौजूद स्मारकों के समूह में आपातकालीन ढांचागत मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि तुगलकाबाद किले और गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
आरटीआई के तहत दी गई जानकारी में कुतुब मीनार परिसर में सुलभता से जुड़े सुधारों के साथ-साथ सलीमगढ़ किले में सिग्नल रेजिमेंट बिल्डिंग और शौचालय खंड की संरचनात्मक मरम्मत और नवीनीकरण का भी जिक्र किया गया है।
लाल किले के लाहौर गेट पर मौजूद मुंडेर समेत कुएं वाले इलाके के संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है।
आरटीआई के तहत प्राप्त जवाब के मुताबिक हौज खास-1 में इमारतों के एक समूह के कुछ हिस्से में पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
यह परिसर मध्यकालीन दौर के एक बड़े जलाशय के आस-पास बनाया गया था और बाद में यहां दिल्ली सल्तनत से जुड़ा एक मदरसा, मकबरा और दूसरी इमारतें बनीं।
यह जलाशय अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में बनवाया गया था, जबकि बाद की इमारतें जिनमें मदरसा और मक़बरा शामिल हैं सुल्तान फिरोज़ शाह तुगलक से जुड़ी हुई हैं।
मध्य दिल्ली में जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली के अंदर बनी संरचनाओं के पास भी पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
एएसआई की दिल्ली इकाई ने लाल किले के भीतर छह इमारतों – हमाम, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास, खास महल, रंग महल और शीश महल – में जाने पर रोक लगा दी है।
एएसआई ने कहा कि कुतुब मीनार परिसर के कुछ हिस्सों – हिंदू अवशेष कॉरिडोर की पहली मंजिल, जमाली कमाली मकबरे और कुतुब मीनार के अंदरूनी हिस्से – को पर्यटकों के लिए बंद रखा गया है।
सफदरजंग मकबरे में मस्जिद और उससे जुड़ी कोठरियों की मरम्मत का काम किया जा रहा है, जबकि हुमायूं के मकबरे में लोगों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश