बेंगलुरु, 12 सितंबर (भाषा) फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ है कि दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल कोठरी से जब्त किए गए मोबाइल फोन में कई अश्लील वीडियो थे, जबकि पेन ड्राइव में फिल्में और वेब सीरीज थीं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि 11 अगस्त को परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार के सिक्योरिटी डिवीजन की बैरकों की औचक तलाशी के दौरान जो चीजें ज़ब्त की गई थीं, उन्हें बाद में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय कारागार में कैद रेवन्ना पिछले महीने एंड्रॉइड स्मार्टफोन इस्तेमाल करते पाया गया था। एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह आम कपड़े पहने और फोन पर बात करता दिखाई दे रहा था।
केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की चार-पांच घंटे चली तलाशी के दौरान रेवन्ना की बैरक से फोन और अन्य उपकरण जब्त किए गए।
मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीईएन पुलिस थाना पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है और जब्त किए गए मोबाइल से दर्जनों अश्लील वीडियो मिले हैं।
अधिकारी के मुताबिक, रेवन्ना ने हालांकि, पूछताछ के दौरान इस बात से इनकार किया कि उसके पास पाया गया मोबाइल उसका अपना था। उसने दावा किया कि दूसरे कैदी भी उस मोबाइल का इस्तेमाल करते थे और वह बारी-बारी से उसके पास आता था।
उन्होंने बताया कि उसने कोई भी अश्लील वीडियो डाउनलोड करने की बात से भी इनकार किया।
अधिकारी ने बताया कि उससे जब्त की गई नोटबुक में उसके परिवार के सदस्यों और परिचितों के फोन नंबर थे।
अधिकारी ने बताया कि कॉल लॉग से खुलासा हुआ है कि रेवन्ना ने बिचौलियों के जरिये परिवार के सदस्यों से गैरकानूनी तरीके से बातचीत की थी और एक महिला दोस्त को सीधे कॉल भी किए थे और यह बात उसने स्वयं पूछताछ के दौरान स्वीकार भी की है।
पुलिस ने बताया कि उन सभी लोगों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे, जिन्हें उक्त मोबाइल से कॉल किये गए।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान विचाराधीन कैदी प्रताप राय और दोषी करार दिये गए रेवन्ना की कोठरी से एक प्रतिबंधित मोबाइल, सिम कार्ड, चार्जर और नोटबुक बरामद किए गए।
इसके बाद इस मामले में परप्पना अग्रहारा पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
केंद्रीय कारागार से मोबाइल फोन जब्त होने के मामले की जांच को लेकर पुलिस ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया। इसके मुताबिक, जब्त किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदने तथा उन्हें जेल के अंदर पहुंचाने में मदद करने वाले पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई है।
बयान के मुताबिक, उन्होंने खुलासा किया कि जेल के एक वार्डन के जरिये मोबाइल को जेल के अंदर ले जाया गया था, जबकि सिम कार्ड एक विचाराधीन कैदी के जरिये भेजा गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल विचाराधीन कैदी प्रताप राय और सजायाफ्ता कैदी रेवन्ना कर रहा था।
भाषा धीरज सुरेश
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