पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने अदाणी समूह की दो कंपनियों की खनन परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दी

पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने अदाणी समूह की दो कंपनियों की खनन परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दी

पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने अदाणी समूह की दो कंपनियों की खनन परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दी
Modified Date: July 17, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: July 17, 2026 10:39 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में लगभग 1,000 हेक्टेयर वन भूमि का इस्तेमाल कोयला खनन की दो अलग-अलग परियोजनाओं के लिए करने का रास्ता साफ हो सकता है।

पहली परियोजना राज्य के स्वामित्व वाली साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड’ (एसईसीएल) की ‘पेलमा ओपन कास्ट’ खदान से जुड़ी है, जिसके लिए 360 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। एसईसीएल ने 2023 में इस खदान के संचालन के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी पेलमा कोलियरीज के साथ समझौता किया था।

दूसरी परियोजना अदाणी समूह की अनुषंगी कंपनी ‘अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड’ के पुरुंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक से संबंधित है, जिसके लिए 620 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के उपयोग का प्रस्ताव है।

पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (एफएसी) ने सात जुलाई को हुई बैठक में दोनों परियोजनाओं की खातिर वन भूमि के ‘भू-उपयोग में बदलाव’ के लिए सैद्धांतिक मंजूरी की सिफारिश की।

एफएसी की बैठक के विवरण के अनुसार, रायगढ़ के तमनार तहसील में स्थित पेलमा खदान परियोजना के लिए 52,000 से अधिक पेड़ों की कटाई हो सकती है।

भाषा

शुभम अविनाश

अविनाश


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