भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य में आतंकवाद के जिक्र पर पाकिस्तान की आपत्ति को भारत ने खारिज किया
भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य में आतंकवाद के जिक्र पर पाकिस्तान की आपत्ति को भारत ने खारिज किया
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्रालय ने हालिया भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य में सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के उल्लेख पर पाकिस्तान की आपत्तियों को शुक्रवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह दस्तावेज ‘‘अपने आप में स्पष्ट’’ है और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर दोनों देशों (भारत और जापान) के साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।
दो जुलाई को नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच हुई वार्ता के बाद जारी भारत-जापान संयुक्त बयान में सभी तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई थी, जिसमें ‘‘पाकिस्तान से होने वाला आतंकवाद’’ का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया था।
सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का हवाला दिए जाने पर पाकिस्तान ने जापान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जापान की प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान संयुक्त वक्तव्य में कई ऐसे मुद्दों का उल्लेख है जो द्विपक्षीय प्रकृति के हैं, साथ ही ऐसे विषय भी शामिल हैं जिन पर हमारा एक निश्चित दृष्टिकोण है।’’
पाकिस्तान की आपत्ति के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मैं इतना ही कहूंगा कि हमारा संयुक्त वक्तव्य अपने आप में स्पष्ट है।’
भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने सभी तरह और हिंसक चरमपंथ्ता की कड़ी निंदा की, जिसमें पाकिस्तान से होने वाला सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री ताकाइची ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निगरानी टीम द्वारा इस हमले का संबंध ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) से जोड़े जाने का संज्ञान लिया। बयान में टीआरएफ को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा संगठन बताया गया है।
जायसवाल ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के शहीद बेहेश्ती टर्मिनल को अमेरिका के हालिया हमलों में कोई नुकसान नहीं पहुंचने की भी बात कही।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इस सप्ताह ईरान के खिलाफ अपने नए सैन्य अभियान के तहत अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर भी हमला किया था।
भारत और ईरान चाबहार बंदरगाह का संयुक्त रूप से विकास कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच संपर्क और व्यापार को बढ़ावा मिल सके। दोनों देश यह भी चाहते हैं कि चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए।
चाबहार बंदरगाह के संबंध में अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली छूट अप्रैल में समाप्त हो गई थी।
जायसवाल ने कहा, ‘‘अमेरिका ने पहले एक छूट दी थी, जो कुछ समय पहले समाप्त हो गई। इसके बाद से हम संबंधित पक्षों के साथ इस मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा कर रहे हैं।’’
चाबहार बंदरगाह पर हमले के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमने इस संबंध में कुछ रिपोर्टें देखी हैं, लेकिन हम यह भी बता सकते हैं कि शहीद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।’’
भाषा
सुभाष संतोष
संतोष

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