EPFO Wage Ceiling Limit Incresed: सरकार का कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला.. इतने हजार बढ़ा दी गई EPFO की वेतन सीमा, रिटायरमेंट की भी टेंशन ख़त्म

Ads

ईपीएफओ दुनिया की बड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल है। इसके तहत ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई योजनाएं संचालित होती हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ में करीब 7.98 करोड़ योगदान करने वाले सदस्य हैं और लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठान योगदान कर रहे हैं। वहीं, ईपीएस के तहत करीब 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन का लाभ मिलता है।

  •  
  • Publish Date - September 17, 2026 / 04:22 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 04:24 PM IST

EPFO Wage Ceiling Limit Incresed by Central Government || Image- IBC24 Creation

HIGHLIGHTS
  • EPFO की वेतन सीमा ₹25,000 हुई
  • 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा
  • सरकार पर सालाना ₹11,339 करोड़ खर्च

EPFO Wage Ceiling Limit Incresed by Government: नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। अब यह सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है।

51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार के इस फैसले से 51 लाख से अधिक कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफओ कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। इससे 15000 से 25000 रुपये महीने तक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी का लाभ भी मिलेगा।

दरअसल अभी 15,000 रुपये से अधिक वेतन पर नौकरी शुरू करने वाला नया कर्मचारी अपने आप ईपीएफ व्यवस्था के तहत अनिवार्य रूप से कवर नहीं होता है। नई सीमा लागू होने के बाद इस सैलरी क्लास में शामिल कर्मचारियों को पीएफ, पेंशन और इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं का फायदा मिलेगा।

EPF, पेंशन और बीमा का मिलेगा लाभ

EPFO Wage Ceiling Limit Incresed by Government: नई व्यवस्था के कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि में बचत, कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन और ईडीएलआई के तहत बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे कर्मचारियों को नौकरी के दौरान और रिटायरमेंट के बाद की फिक्र भी काफी हद तक ख़त्म हो जाएगी।

12 साल पहले हुई थी समीक्षा

सरकार के मुताबिक, ईपीएफओ की वेतन सीमा सितंबर 2014 में बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई थी। इसके बाद देश में वेतन और आय में बढ़ोतरी के साथ औपचारिक रोजगार भी बढ़ा है। ऐसे में अब सीमा को 25,000 रुपये करना मौजूदा वेतन स्तर के अनुरूप व्यवस्था को अपडेट करने का कदम है।

सरकार पर आएगा 11,339 करोड़ रुपये का सालाना खर्च

इस प्रस्ताव पर विभिन्न मंत्रालयों के बीच चर्चा के बाद व्यय वित्त समिति ने 16 जून 2026 को इसकी सिफारिश की थी। सरकार के अनुसार, इस फैसले से हर साल करीब 11,339 करोड़ रुपये का सरकारी खर्च आएगा। मौजूदा बजटीय सहायता करीब 10,250 करोड़ रुपये है। पांच साल में अनुमानित खर्च लगभग 56,696 करोड़ रुपये रहेगा।

EPFO में करीब 7.98 करोड़ सदस्य

EPFO Wage Ceiling Limit Incresed by Government: ईपीएफओ दुनिया की बड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल है। इसके तहत ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई योजनाएं संचालित होती हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ में करीब 7.98 करोड़ योगदान करने वाले सदस्य हैं और लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठान योगदान कर रहे हैं। वहीं, ईपीएस के तहत करीब 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन का लाभ मिलता है।

इन्हें भी पढ़ें:

पाकिस्तान मक्का समझौते के तहत अपने दायित्व निभाने के लिए तैयार: ख्वाजा आसिफ

एशियाड महिला क्रिकेट : बांग्लादेश खेले बिना सेमीफाइनल में, पाकिस्तान ने थाईलैंड को हराया

मुंबई: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बाघिन ‘बिजली’ की मौत

टाटा संस के निदेशक मंडल ने चंद्रशेखरन को फिर चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया

भारत को यूरोपीय संघ से 28 लाख टन इस्पात निर्यात का कोटा मिला : अधिकारी

Q1. EPFO की नई अनिवार्य वेतन सीमा कितनी है?

Ans: EPFO की अनिवार्य कवरेज सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह की गई है।

Q2. EPFO वेतन सीमा बढ़ने से कितने कर्मचारियों को फायदा होगा?

Ans: इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं।

Q3. नई व्यवस्था में कर्मचारियों को कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?

Ans: पात्र कर्मचारियों को EPF, पेंशन और EDLI के तहत बीमा सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।