त्रुटिपूर्ण सर्वे, जल्दबाजी में भूमि खरीद से नगालैंड में रेल परियोजना की लागत सात गुना बढ़ी :समिति

त्रुटिपूर्ण सर्वे, जल्दबाजी में भूमि खरीद से नगालैंड में रेल परियोजना की लागत सात गुना बढ़ी :समिति

त्रुटिपूर्ण सर्वे, जल्दबाजी में भूमि खरीद से नगालैंड में रेल परियोजना की लागत सात गुना बढ़ी :समिति
Modified Date: August 4, 2026 / 09:02 pm IST
Published Date: August 4, 2026 9:02 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) संसद में मंगलवार को पेश की गई लोक लेखा समिति (पीएसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे जोन में दीमापुर-कोहिमा रेल लिंक परियोजना की लागत सात गुना से अधिक बढ़ गई है।

समिति ने बताया कि वर्ष 2006-07 में मंज़ूरी के समय इसकी लागत 850 करोड़ रुपये थी, जो मई 2022 तक बढ़कर 6,663.20 करोड़ रुपये हो गई, जबकि मार्च 2022 तक इसका काम 25 प्रतिशत से भी कम पूरा हुआ था।

‘दीमापुर-कोहिमा नयी लाइन परियोजना: उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे’ नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस परियोजना का अटकना उन कई कमियों को दर्शाता है जो भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाकों में बड़ी रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के दौरान सामने आती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इन कमियों में शुरुआती सर्वेक्षण का ठीक से न होना, जमीन अधिग्रहण में जल्दबाजी, लागत-लाभ विश्लेषण के बिना डिजाइन तैयार करना, अनुबंध की निगरानी ठीक से न होना और जवाबदेही की कमी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नगालैंड में अभी सिर्फ 11.13 किलोमीटर बड़ी लाइन है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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