केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में चार अन्य आरोपियों को जमानत दी

केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में चार अन्य आरोपियों को जमानत दी

केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में चार अन्य आरोपियों को जमानत दी
Modified Date: August 4, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: August 4, 2026 10:39 pm IST

कोच्चि, चार अगस्त (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के मामले में मंगलवार को चार अन्य आरोपियों को जमानत दे दी।

यह मामला इस साल मई में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास पर छापेमारी के बाद ईडी अधिकारियों पर कथित हमले से जुड़ा है।

उच्च न्यायालय ने सोमवार को इस मामले में नौ आरोपियों को जमानत दी थी।

अदालत ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर अपराधों से जुड़ा कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं हैं और पीड़ितों को भी कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए चारों आरोपियों को भी राहत प्रदान की।

अदालत ने हालांकि कहा कि मामले की केस डायरी को देखने से पता चलता है कि चारों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया यह उनके द्वारा सुनियोजित आपराधिक कृत्य की ओर संकेत करते हैं।

अदालत ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदारों की गारंटी पर जमानत पर रिहा किया जाए।

अदालत ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाईं, जिनमें जांच में पूरा सहयोग करना, प्रत्येक शनिवार पूर्वाह्न 10 बजे से 11 बजे के बीच और जब भी जांच अधिकारी बुलाएं, तब उनके समक्ष उपस्थित होना शामिल है।

इसके अलावा आरोपियों को तिरुवनंतपुरम के छावनी थाना क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने और संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत में प्रत्येक को 10,000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत पर रहने के दौरान आरोपी किसी समान अपराध में शामिल न हों, अभियोजन पक्ष के गवाहों से किसी भी तरह संपर्क, प्रभाव या डराने-धमकाने का प्रयास न करें तथा अधीनस्थ न्यायालय की अनुमति के बिना राज्य से बाहर न जाएं।

केंद्रीय एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि 27 मई को उसके अधिकारियों पर हुए हमले को एक साधारण कानून-व्यवस्था की घटना या अनायास घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह कई घंटों तक चली छापेमारी के समाप्त होने के बाद हुआ था।

ईडी की यह छापेमारी विजयन की बेटी की कंपनी और रेत खनन कंपनी ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूचाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) के बीच हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़ी थी।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि विजयन की बेटी टी. वीणा और उनकी फर्म ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2017 से 2020 के बीच रेत खनन कंपनी सीएमआरएल से आईटी और परामर्श सेवाओं के एवज में रकम मिली थी, जबकि ये सेवाएं कथित तौर पर कभी प्रदान ही नहीं की गई थीं।

हालांकि, वीणा और सीएमआरएल ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और उनका कहना है कि यह भुगतान एक वैध व्यावसायिक समझौते का हिस्सा था।

छापेमारी के बाद जब ईडी अधिकारी वापस लौट रहे थे तभी भीड़ ने उनके वाहनों पर हमला कर दिया जिसमें एक चालक, सीआरपीएफ के एक अधिकारी और तलाशी दल का एक सदस्य कथित तौर पर घायल हो गए थे।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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