पुंछ और राजौरी में वर्षाजनित घटनाओं में मृतकों के परिजनों को मिलेगी छह-छह लाख रु की अनुग्रह राशि

पुंछ और राजौरी में वर्षाजनित घटनाओं में मृतकों के परिजनों को मिलेगी छह-छह लाख रु की अनुग्रह राशि

पुंछ और राजौरी में वर्षाजनित घटनाओं में मृतकों के परिजनों को मिलेगी छह-छह लाख रु की अनुग्रह राशि
Modified Date: July 20, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: July 20, 2026 4:51 pm IST

जम्मू, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ और राजौरी जिलों में वर्षाजनित घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सोमवार को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

दोनों जिलों में रविवार से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। इनमें पुंछ में 10 और राजौरी में तीन लोगों की जान गई, जबकि सात अन्य अब भी लापता हैं।

मुख्यमंत्री ने अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और वर्षाजनित अन्य घटनाओं में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों की अपूरणीय क्षति की भरपाई किसी भी वित्तीय सहायता से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘पुंछ और राजौरी में कल आई अचानक बाढ़, भूस्खलन और वर्षाजनित अन्य घटनाओं में हुई जनहानि की भरपाई किसी भी वित्तीय सहायता से नहीं की जा सकती। फिर भी शोकाकुल परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।’’

मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने बताया कि राहत पैकेज में राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से अतिरिक्त दो लाख रुपये शामिल हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि यह घोषणा रविवार शाम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद की गई। बैठक में राजौरी और पुंछ जिलों में अचानक आई बाढ़ तथा वर्षाजनित अन्य घटनाओं से हुई जनहानि और सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हरसंभव सहायता बिना किसी देरी के जरूरतमंदों तक पहुंचाई जानी चाहिए।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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