आबकारी विभाग अवैध शराब के निर्माण, बिक्री के खिलाफ नियमित अभियान चला रहा : पंजाब ने न्यायालय से कहा

Ads

आबकारी विभाग अवैध शराब के निर्माण, बिक्री के खिलाफ नियमित अभियान चला रहा : पंजाब ने न्यायालय से कहा

  •  
  • Publish Date - December 15, 2022 / 09:18 PM IST,
    Updated On - December 15, 2022 / 09:18 PM IST

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि आबकारी विभाग नियमित रूप से अवैध देसी शराब के निर्माण और उपयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है।

सरकार ने न्यायालय में दाखिल एक जवाबी हलफनामे में कहा कि राज्य आबकारी बल में सभी खाली पदों को भरने जैसे अतिरिक्त दीर्घकालिक उपाय जल्द ही किए जाएंगे।

न्यायालय ने पंजाब में बढ़ते अवैध शराब के कारोबार पर चिंता व्यक्त की थी। हलफनामे में राज्य के आबकारी और कराधान विभाग ने इस खतरे को खत्म करने के लिए तत्काल उपायों के रूप में उठाए जाने वाले कदमों का विवरण दिया है।

इसमें कहा गया है कि शराब के अवैध आसवन के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें विभाग की पहले से मौजूद इनाम योजना को लोकप्रिय बनाने सहित अन्य माध्यमों से घर में बनी अवैध शराब के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। अधिक से अधिक मुखबिरों को इस तरह के निर्माण और बिक्री के बारे में जानकारी साझा करने के लिये प्रेरित किया जाएगा।

हलफनामे में कहा गया है, “केबल टीवी सहित स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जागरूकता युद्ध स्तर पर शुरू की जाएगी। जहां भी आवश्यक होगा, सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा।”

शीर्ष अदालत में दायर एक अलग हलफनामे में पंजाब सरकार ने कहा कि महानिरीक्षक रैंक के एक पुलिस अधिकारी को पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 के तहत दर्ज मामलों की जांच की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर नामित किया गया है।

यह मामला बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति सी. टी. रविकुमार की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था।

पीठ ने कहा, “देखते हैं कि यह कैसे आगे बढ़ता है। हम इसकी निगरानी करेंगे।” पीठ ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख शीतकालीन अवकाश के बाद रखी है।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश