विशेषज्ञों ने भारत-इजराइल के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान किया

विशेषज्ञों ने भारत-इजराइल के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान किया

विशेषज्ञों ने भारत-इजराइल के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान किया
Modified Date: May 25, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: May 25, 2026 5:29 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) इंडिया इजराइल सेंटर ने ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी स्थित जिंदल सेंटर फॉर इजराइल स्टडीज (जेएसआईएस) के साथ साझेदारी में दोनों देशों के बीच संबंधों पर एक राउंडटेबल सम्मेलन किया। इसमें हिस्सा लेने वाले विशेषज्ञों ने रक्षा, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और व्यापार में दोनों देशों के बीच और अधिक गहन सहयोग का आह्वान किया।

एक बयान में बताया गया कि इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में हाल में हुए इस सम्मेलन का शीर्षक था ‘‘भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी: बदलते समय में उथल-पुथल भरे द्विपक्षीय रिश्तों को दिशा देना’’। इसमें शिक्षा क्षेत्र, मीडिया, कूटनीति, विधि, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक क्षेत्र के लोग शामिल हुए और भारत-इजराइल संबंधों एवं उनके इर्दगिर्द हो रहे विमर्श पर चर्चा की।

राउंडटेबल सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए, जेएसआईएस के निदेशक खींवराज जांगिड़ ने कहा, ‘‘भारतीय विदेश नीति के नजरिए से, इजराइल बहुत जरूरी है, और इस रिश्ते, इसके अतीत और वर्तमान के बारे में और अधिक जानना चाहिए, और कैसे खास घटनाओं, लोगों और विचारों ने इन देशों को एक साथ लाया है, यह भी जानना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुराने समय के भारतीय नेताओं, सांसदों और बुद्धिजीवियों- जवाहरलाल नेहरू, कर्पूरी ठाकुर, अशोक मेहता, आचार्य कृपलानी और जेपी ने इजराइल के विचार पर बात की और इस पर खुलकर बहस की कि भारत और इजराइल को एक साथ क्यों काम करना चाहिए।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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