वाल्मीकिनगर, चार मई (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार ने सोमवार को कहा कि वह अपनी पहली जनसंपर्क पहल ‘सद्भाव यात्रा’ के दौरान मिल रहे उत्साहजनक जनसमर्थन से “अत्यंत ऊर्जावान” महसूस कर रहे हैं।
महज दो महीने पहले ही राजनीति में कदम रखने वाले 45 वर्षीय निशांत कुमार ने अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर से की है। यह भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक दूरस्थ इलाका है, जिसे उनके पिता भी अपने दौरों की शुरुआत के लिए अक्सर चुनते रहे हैं।
बिहार में उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगभग दो दशकों तक सत्ता में रहे।
निशांत कुमार रविवार देर रात पटना से कई घंटे की यात्रा कर वाल्मीकिनगर पहुंचे। इस दौरान उनकी खुली गाड़ी, जिसे ‘सद्भावना का रथ’ नाम दिया गया है, पर जदयू कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाए।
जदयू सुप्रीमो के उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत कुमार ने यात्रा के दूसरे दिन अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “जनता से मिले स्नेह और आशीर्वाद से मैं अत्यंत ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार।”
अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे निशांत कुमार ने राजनीति में आने का निर्णय उस समय लिया, जब उनके पिता ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का फैसला किया। शुरुआत में यह उम्मीद जताई जा रही थी कि वह भाजपा नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में शामिल होंगे।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मंत्रिमंडल और विधानसभा में शामिल होने से पहले जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ना चाहते हैं।
जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, जो इस यात्रा में निशांत कुमार के साथ हैं, ने संवाददाताओं से कहा, “यही बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। जहां राजनीति में आते ही लोग सत्ता की चाह रखते हैं, वहीं हमारे भावी नेता पहले जनता की सेवा करना चाहते हैं।”
भाषा कैलाश मनीषा
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