गुलमर्ग में ‘गंडोला’ में खराबी: केबल कार में फंसे सभी 300 पर्यटक बचाए गए

गुलमर्ग में ‘गंडोला’ में खराबी: केबल कार में फंसे सभी 300 पर्यटक बचाए गए

गुलमर्ग में ‘गंडोला’ में खराबी: केबल कार में फंसे सभी 300 पर्यटक बचाए गए
Modified Date: May 25, 2026 / 09:23 pm IST
Published Date: May 25, 2026 9:23 pm IST

श्रीनगर, 25 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को एशिया की सबसे ऊंची केबल कार प्रणाली में तकनीकी खराबी आने के बाद घंटों तक आसमान में फंसे रहे 65 केबिन में सवार लगभग 300 पर्यटकों को सात घंटे तक चले कठिन अभियान में बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर के आसपास प्रणाली में खराबी आने के तुरंत बाद एक बड़ा बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया गया जिसमें सेना भी शामिल थी।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ केबिन से लोगों को निकालने में अधिक समय लगा क्योंकि वे जमीन से लगभग 500 फुट की ऊंचाई पर थे। इलाके में भारी बारिश से भी बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई।

एक अधिकारी ने आज शाम बताया, ‘‘बचाव अभियान समाप्त हो गया है और सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।’’

उन्होंने बताया कि प्रणाली में खराबी के कारण गुलमर्ग केबल कार सेवा, जिसे ‘गंडोला’ के नाम से जाना जाता है, का संचालन दोनों तरफ से रोक दिया गया था। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ-साथ पुलिस और सेना ने बचाव कार्य में हिस्सा लिया। प्रशिक्षित टीमों ने रस्सियों और सीढ़ियों का उपयोग करके पर्यटकों को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा।

उन्होंने बताया कि केबल कार प्रणाली को बहाल करने का काम फिलहाल जारी है।

इसके पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर “करीबी नजर रख रही है।”

उमर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित टीम बचाव अभियान का संचालन कर रही हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात को गुलमर्ग जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया था।

सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के कई केबिन में फंसे पर्यटकों के लिए जारी बचाव अभियान की मैं निगरानी कर रहा हूं। मैंने पुलिस महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना और एसडीआरएफ की संयुक्त बचाव टीम उपायुक्त और एसएसपी के साथ मिलकर सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रही है।”

सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चिनार कोर की सहायता से त्वरित और समन्वित बचाव प्रयास शुरू किए गए हैं।

भाषा संतोष संतोष माधव

माधव


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