गारंटी योजनाओं की वजह से वित्त प्रबंधन मुश्किल हो गया है : कर्नाटक के मंत्री
गारंटी योजनाओं की वजह से वित्त प्रबंधन मुश्किल हो गया है : कर्नाटक के मंत्री
रामनगर (कर्नाटक), 27 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मंत्री एच. सी. बालकृष्ण ने कहा कि अगर सरकार ने पांच गारंटी योजनाएं शुरू नहीं की होतीं तो राज्य की वित्तीय स्थिति संभालना उसके लिए आसान होता।
उन्होंने यहां अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दिव्यांग लोगों से सरकार की स्थिति समझने की अपील की।
नगर प्रशासन विभाग संभाल रहे बालकृष्ण ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बीच सरकार को कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ वेतन और विकास कार्यों के खर्च का भी प्रबंधन करना पड़ता है।
उन्होंने शनिवार रात प्रदर्शनकारियों से कहा, ‘‘अगर हमारे पास ये गारंटी योजनाएं नहीं होतीं तो शायद ये सभी समस्याएं हमारे सामने इतनी बड़ी नहीं होतीं। हमारे लिए ये सब करना आसान होता लेकिन हमें सरकार चलानी है। सब कुछ व्यवस्था और बजट के भीतर ही करना होगा।’’
उन्होंने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए सरकार ने पांच गारंटी योजनाएं शुरू की हैं।
इन योजनाओं में ‘गृह ज्योति’ के तहत घरों के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, ‘गृह लक्ष्मी’ के तहत पात्र महिला मुखियाओं को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता, ‘शक्ति’ के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए सरकारी गैर-प्रीमियम बसों में मुफ्त यात्रा, ‘अन्न भाग्य’ के तहत बीपीएल कार्डधारकों को 10 किलोग्राम खाद्यान्न तथा ‘युवा निधि’ के तहत पात्र स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को बेरोजगारी सहायता दी जाती है।
बालकृष्ण ने कहा कि अगर सूखा पड़ता है तो सरकार को किसानों को भी आर्थिक सहायता देनी पड़ती है और वे भी प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोग भी प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार इन सभी समस्याओं के बीच फंसी हुई है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार या मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की गारंटी योजनाओं को बंद करने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सरकार की वित्तीय सीमाओं को भी समझने की अपील की।
भाषा
राखी गोला
गोला

Facebook


