राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक: नृपेंद्र मिश्रा

राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक: नृपेंद्र मिश्रा

राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक:  नृपेंद्र मिश्रा
Modified Date: July 11, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: July 11, 2026 10:17 pm IST

अयोध्या, 11 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्‍या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ पर शनिवार को दुख जाहिर करते हुए कहा कि यह एक तरह का कलंक है और इससे हर कोई बहुत अपमानित महसूस कर रहा है।

उन्होंने भरोसा जताया कि व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

मिश्रा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में ‘दान में गबन’ पर कहा, ‘‘यह घटना राम मंदिर पर एक तरह का कलंक है। इसे लेकर हम सभी न केवल क्षमाप्रार्थी हैं बल्कि शर्मिंदा और निराशा भी महसूस कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘यह मंदिर प्रबंधन से जुड़ा मामला है। व्यवस्था में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।’’

मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जाएगी।

राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की मांग उठाने में सबसे आगे रहे मिश्रा ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और अंतिम निर्णय वही समिति करेगी।

ऐसी अटकलें हैं कि ट्रस्ट एक महिला सीईओ की नियुक्ति के लिए तैयार हो सकता है लेकिन मिश्रा ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं, एक (सेवानिवृत्त) न्यायाधीश सीईओ की नियुक्ति के लिए समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। यह अपनी सिफारिशें ट्रस्ट को सौंपेंगे, जो इस मुद्दे पर फैसला करेगा।”

मिश्रा शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की।

चढ़ावे की कथित चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद ट्रस्ट मंदिर प्रबंधन प्रणाली में सुधार के उपायों पर निर्णय लेने के लिए 22 जुलाई को फिर से बैठक करेगा।

मिश्रा ने कहा कि उन्हें 22 जुलाई की बैठक के (एजेंडे) बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कल (शुक्रवार को) मैंने निर्माण कार्य का जायजा लिया। एक स्मारक के रूप में विकसित किये जा रहे पुराने मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है। बस उस लौ की व्यवस्था बाकी है जो 24 घंटे जलती रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का आखिरी चरण 30 जुलाई तक पूरा हो जाएगा।

मिश्रा ने यह भी कहा कि कुछ अन्य परियोजनाएं, जैसे चार किलोमीटर लंबी चहारदीवारी का निर्माण और मंदिर परिसर के बाहर ऑडिटोरियम का कार्य, नवंबर-दिसंबर तक पूरे हो सकती हैं।

उन्होंने राम कथा संग्रहालय को लेकर बताया कि संग्रहालय की 20 गैलरी की ‘स्टोरी लाइन’ तैयार हो चुकी है और अब तकनीकी प्रस्तुति, ‘डिजिटल इंस्टॉलेशन’ और वीडियो सामग्री को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि आधुनिक एवं आकर्षक संग्रहालय श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान कर सके।

ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी शुक्रवार को हुई समिति की बैठक में शामिल हुए।

मिश्रा ने अयोध्या मंदिर को ‘अनोखा’ बताते हुए कहा कि यह एक लंबे आंदोलन का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यह जगह राम लला के दर्शन का एक अनोखा अनुभव देती है- ऐसा अनुभव जो दुनिया में बेजोड़ है। सभी मंदिर हमारी पूजा और श्रद्धा के पात्र हैं लेकिन राम लला का मंदिर अनोखा है। यह एक लंबे आंदोलन का नतीजा है।”

मिश्रा ने भगवान राम की उनके ‘मूल निवास’ में ‘वापसी’ का स्वागत किया और कहा, “यह अपने आप में एक शानदार मंदिर है। निश्चिंत रहें, यहां आने वाले भक्तों की संख्या कभी कम नहीं होगी। सनातन धर्म का हर अनुयायी निश्चित रूप से कम से कम एक बार इस जगह पर आना चाहेगा।”

भाषा आनन्द जफर जितेंद्र

जितेंद्र


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