देश के विभिन्न भागों में भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश, उत्तराखंड में चिकित्सक की मौत
देश के विभिन्न भागों में भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश, उत्तराखंड में चिकित्सक की मौत
नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) देश के कई हिस्सों में शनिवार को भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश हुई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहे, जहां भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं और जनजीवन प्रभावित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मेघालय में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मिजोरम, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश हुई।
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसकी तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 120 सड़कें बंद हो गईं। वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने के कारण दो दिन से रास्ता बंद था। इस दौरान करीब 100 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अनुसार, लगातार बारिश के कारण उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में बृहस्पतिवार को भूस्खलन हुआ, जिससे करीब 100 मीटर सड़क बह गई और मलबा जमा होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
बचाव दल ने वैकल्पिक रास्ते पर रस्सी बांधकर फंसे हुए यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित रास्ता पार कराया।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग दो दिन तक बंद रहा, मरम्मत का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से गिर रहे मलबे व पत्थरों के कारण काम में दिक्कत आ रही है।
चमोली जिले में 28 जून को भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए एक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत का काम देखने गए एक चिकित्सक की मौत हो गई।
डॉ. नवीन डिमरी (45) चमोली जिले के गोपेश्वर के देवलधार गांव के रहने वाले थे। वह नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी थे।
पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार दोपहर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हुआ, जब डॉ. डिमरी मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर रहे थे।
हिमाचल प्रदेश में भी मध्यम से भारी बारिश हुई। शिमला में भूस्खलन हुआ, सांगला में एक ‘बेली’ पुल ढह गया और किन्नौर जिले में बाढ़ का पानी एक मंजिला मकान में घुस गया।
किन्नौर जिले में लगातार भारी बारिश से लिप्पा झरने का जलस्तर बढ़ गया, जिससे लिप्पा बस अड्डे के पास एक मंजिला मकान जलमग्न हो गया। कई अन्य मकानों में भी पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।
मौसम विभाग ने शनिवार को शिमला, कुल्लू, चंबा, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी स्तर की बारिश होने का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की बारिश के पूर्वानुमान के बीच न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
शहर के सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.7 डिग्री कम और शुक्रवार की तुलना में 0.8 डिग्री अधिक रहा।
अन्य मौसम केंद्रों में, पालम में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, लोधी रोड में 26.2 डिग्री, रिज में 23.5 डिग्री और आया नगर में 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी ने अगले कुछ दिन के लिए दिल्ली में कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य बारिश हुई। 10 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि 21 जिलों में बारिश नहीं हुई।
लखनऊ मौसम केंद्र की ताजा वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक किसी भी जिले में बहुत अधिक या बहुत कम बारिश दर्ज नहीं की गई है। अधिकांश जिलों में सामान्य के आसपास बारिश हुई है, हालांकि 21 जिलों में अब भी कम बारिश हुई है।
आईएमडी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलीं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, चुरू जिले के राजगढ़/सादुलपुर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राज्य में सबसे अधिक 42 डिग्री सेल्सियस तापमान श्रीगंगानगर में और सबसे कम 21 डिग्री सेल्सियस तापमान सिरोही में दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने कहा कि रुक-रुक कर हो रही बारिश और हवाओं से कुछ इलाकों में लोगों को राहत मिली है।
केरल में कल्लाडी में भूस्खलन प्रभावित सुरंग परियोजना स्थल पर पांचवें दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश जारी रही। लापता व्यक्ति हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि तलाश अभियान 12 जुलाई को भी जारी रहेगा।
वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली अनक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना के स्थल पर सात जुलाई को हुए भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।
भाषा जोहेब माधव
माधव

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