जम्मू कश्मीर के रामबन में जब्त गोवंशीय मवेशियों को ले जा रहे समूह पर हमला, प्राथमिकी दर्ज

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जम्मू कश्मीर के रामबन में जब्त गोवंशीय मवेशियों को ले जा रहे समूह पर हमला, प्राथमिकी दर्ज

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  • Publish Date - August 8, 2026 / 07:29 PM IST,
    Updated On - August 8, 2026 / 07:29 PM IST

जम्मू, आठ अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के दूरदराज के एक इलाके में पुलिस द्वारा जब्त किए गए गोवंशीय मवेशियों को पहाड़ी रास्ते से ले जा रहे एक व्यक्ति और उसके चार साथियों पर कथित तौर पर गोरक्षकों ने हमला कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने मंगलवार को हुई कथित घटना के संबंध में 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

पिछले पांच महीनों में रामबन में गौरक्षकों द्वारा किया गया यह दूसरा ऐसा हमला था। अप्रैल में, कथित हमलावरों से बचने की कोशिश में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

रामबन शहर के मैत्रा गांव निवासी शकील अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया कि पुलिस ने करिया चौकी पर जब्त किए गए 23 मवेशियों को रामबन ले जाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।

उन्होंने कहा, ‘चार अगस्त को मैं चार कर्मचारियों के साथ उन्हें पैदल पहाड़ी रास्ते से ले जा रहा था, तभी रात करीब आठ बजे बिलावत गांव में लाठियों से लैस गौरक्षकों के एक बड़े समूह ने हमें घेर लिया और गोवंशीय मवेशियों की तस्करी का आरोप लगाते हुए हम पर हमला कर दिया।’

अहमद ने कहा कि उन्होंने गौरक्षकों को पुलिस द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ दिखाए और उनसे गुज़ारिश की कि वे जानकारी की पुष्टि करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी से बात करें, लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार कर दिया।

अहमद ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने दो मोबाइल फोन छीन लिए और डंडों से उन पर हमला किया, जिससे उन्हें और उनके कर्मचारियों को चोटें आईं।

उन्होंने बताया कि 20 वर्षीय गफूर को गंभीर चोटें आई हैं और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि वहीं, अल्ताफ और इश्तियाक ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

अहमद ने आरोप लगाया कि हमलावरों का नेतृत्व सुरजीत और उसके भाई तिलक राज कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमले के बाद वे लोग बेहोश हो गए थे और उन्हें नहीं पता कि मवेशियों का क्या हुआ।

उन्होंने कहा, ‘कुछ स्थानीय लोगों ने हमें अस्पताल पहुंचाया। अगले दिन मैं रामबन थाने गया और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।’ उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ितों को न्याय दिलाने और व्यवस्था में लोगों का भरोसा बहाल करने के उपाय करने की मांग की।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप